Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के बनीखेत स्थित बैली स्कूल में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राजकीय उच्च माध्यमिक पाठशाला बैली के ब्लॉक-ए भवन के ऊपर से पावर ग्रिड की हाईटेंशन बिजली लाइनें गुजर रही हैं। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, परिसर के आसपास कई बार हल्का करंट महसूस होने की स्थिति सामने आई है, जिससे छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर आशंका बनी हुई है। संभावित हादसे के खतरे को देखते हुए विद्यार्थियों को कई बार एहतियात के तौर पर ब्लॉक-बी में ट्रांसफर करना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी संबंधित विभागों और प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक हाईटेंशन लाइनों से जुड़े इस खतरे का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
हाईटेंशन बिजली की लाइनें चिंता का कारण
बता दें कि राजकीय उच्च माध्यमिक पाठशाला बैली का ब्लॉक-ए भवन इन दिनों सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच संचालित हो रहा है। स्कूल की इमारत के बिल्कुल ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइनें विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए भी चिंता का कारण बनी हुई हैं। परिसर में पढ़ाई के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, कई बार भवन और उसके आसपास हल्के करंट का एहसास होने की बात सामने आई है। खासकर बारिश और खराब मौसम के समय जोखिम बढ़ने की आशंका रहती है। संभावित खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर विद्यार्थियों को दूसरे भवन में शिफ्ट करना पड़ता है। इससे न सिर्फ स्कूल की व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
किसी भी दिन हो सकता है गंभीर हादसा
स्थानीय पंचायत और स्कूल प्रबंधन के अनुसार, स्कूल भवन के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की समस्या को लेकर पावर ग्रिड समेत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित तौर पर जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि अगर जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन गंभीर हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित स्थान पर ट्रांसफर करने अथवा कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को रोजाना इसी आशंका के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को कितनी जल्दी दूर करते हैं।
