US Iran Tension: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता तो करना चाहता है, लेकिन वह अमेरिका की शर्तों पर "सही डील" के लिए तैयार नहीं है। इसके साथ ही ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन का होर्मुज जलडमरूमध्य समेत क्षेत्र के प्रमुख इलाकों पर पूर्ण नियंत्रण है। साउथ कैरोलिना रवाना होने से पहले जॉइंट बेस एंड्रयूज पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान की आर्थिक घेराबंदी का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका के पास सैन्य विकल्प खत्म हो गए हैं।
"ईरान में 350% महंगाई, सैनिकों को देने के लिए पैसे नहीं": ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की मौजूदा स्थिति का खाका खींचते हुए कहा कि अमेरिकी और सहयोगी देशों की कार्रवाइयों ने ईरान के सैन्य और आर्थिक ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। ट्रंप ने कहा, कि ईरान के पास पैसे नहीं हैं, उनकी नेवी खत्म हो चुकी है, एयरफोर्स तबाह हो चुकी है। वे अपने सैनिकों और पुलिस को वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं। वहां 350% से ज्यादा महंगाई है। उनकी मुद्रा की कोई कीमत नहीं बची है। ट्रंप ने आगे कहा, कि हम सिर्फ देख रहे हैं कि आगे क्या होता है। आप जानते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री नाकाबंदी वाले पूरे इलाके पर हमारा पूर्ण नियंत्रण है। ट्रंप ने रेडियो इंटरव्यू में दोहराया कि उनका मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा, "मैं यह फैसला 100 बार फिर ले सकता हूं। ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना सकता।"
अमेरिका का 'Economic D-Day' और वैश्विक चेतावनी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर ईरान के खिलाफ "इकोनॉमिक D-Day" का ऐलान किया। उन्होंने अपने मित्र देशों और सहयोगियों से अपील की कि वे ईरान को पूरी तरह अलग-थलग करने में अमेरिका का साथ दें। अमेरिका अब तेल तस्करी नेटवर्क, कैश ट्रांसफर, मनी एक्सचेंज हाउस, शिप रजिस्ट्री और शेल कंपनियों को निशाना बनाएगा। जो भी देश या विदेशी कंपनियां तेहरान के साथ व्यापारिक या वित्तीय संबंध बनाए रखेंगी, उन्हें अमेरिकी वित्त मंत्रालय और सरकार की ओर से भारी आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
ईरान का पलटवार: "वही पुरानी घिसी-पिटी चाल, फिर नाकाम होगी"
अमेरिकी दबाव और 'इकोनॉमिक डी-डे' की घोषणा पर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया (X) पर तीखा हमला बोला। अराघची ने कहा कि 14 साल पहले इतिहास के सबसे अपंग करने वाले प्रतिबंध फेल रहे। 8 साल पहले अधिकतम दबाव फेल रहा। 5 महीने पहले बिना शर्त आत्मसमर्पण फेल रहा। आज सबसे विनाशकारी आर्थिक ऑपरेशन का भी फेल होना तय है। हम यह फिल्म पहले भी देख चुके हैं। वही पुराना ड्रामा, बस नए धमकाने वाले।
इसके साथ ही ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ ने दोटूक कहा कि जब तक अमेरिका 14-सूत्रीय समझौते की शर्तों को पूरा नहीं करता, जिसमें नाकाबंदी हटाना, संपत्ति अनलॉक करना और तेल प्रतिबंधों में ढील शामिल है, तब तक ईरान भी होर्मुज का रास्ता नहीं खोलेगा।
