दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत (RRTS) को कई लोग नमो भारत मेट्रो भी कहते हैं। इस अत्याधुनिक Namo Bharat ट्रेन में सफर का लुत्फ आपने भी लिया होगा। लेकिन दिल्ली से गाजियाबाद और मेरठ तक ही इस सुहाने सफर का आनंद अभी लिया जा सकता है। कितना अच्छा हो कि यह सुहाना सफर आगे भी जारी रहे और सीधे मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश (Rishikesh) तक पहुंच जाएं। अगर आपके मन के किसी भी कोने में यह इच्छा है तो यकीन मानिए कि सरकार ने आपके मन की बात पढ़ ली है। तभी तो नमो भारत को ऋषिकेश तक पहुंचाने की कोशिशें रंग लाने लगी हैं।
कितनी लंबा होगा यह नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए यह बहुत बड़ी खुशखबरी है। मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम भी शुरू हो गया है। लगभग 150 किलोमीटर लंबा यह नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर की रैपिड रेल नेटवर्क को सीधे उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहरों से जोड़ देगा।
कौन बनाएगा नमो भारत के इस कॉरिडोर को?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की बैठक में इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। परियोजना का विकास नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC), उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तराखंड सरकार मिलकर करेंगे।
प्रस्तावित नमो भारत का रूट क्या होगा?
प्रस्तावित कॉरिडोर की शुरुआत मेरठ में मोदीपुरम से होगी, जो फिलहाल दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का मेरठ की ओर आखिरी स्टेशन है। प्रस्तावित रूट का उत्तर प्रदेश में लगभग 72 किलोमीटर का हिस्सा मेरठ और मुजफ्फरनगर से होकर गुजरेगा, जबकि उत्तराखंड में 78 किलोमीटर लंबा रूट औद्योगिक शहर रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश तक जाएगा।
प्रस्तावित नमो भारत रूट से किन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटी?
प्रस्तावित रूट पर मेरठ में मोदीपुरम, दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, रुड़की, हरिद्वार के हर की पौड़ी और ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इससे इन सभी क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों और दैनिक आवाजाही को नई और आधुनिक रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड सरकार ने नियुक्त किया नोडल अधिकारी
नमो भारत की इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अतिरिक्त सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं NCRTC और उत्तर प्रदेश सरकार ने भी समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है, ताकि जमीन अधिग्रहण और सर्वे का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
Delhi Metro और अन्य RRTS से होगा सीधा कनेक्शन
यह नया कॉरिडोर 82.15 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर से मोदीपुरम पर जुड़ेगा। इसके जरिए यात्रियों को आनंद विहार, साहिबाबाद, दुहाई, गुलधर और सराय काले खां जैसे प्रमुख स्टेशनों तक निर्बाध पहुंच मिलेगी। साथ ही, सराय काले खां इंटरचेंज के जरिए प्रस्तावित दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर RRTS और दिल्ली-सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर से भी कनेक्टिविटी मिलेगी। भविष्य में गाजियाबाद-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) कॉरिडोर के जरिए यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट तक भी सीधी रैपिड रेल सुविधा मिल सकेगी।
इसके अलावा आनंद विहार स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की ब्लू और पिंक लाइन, रेलवे टर्मिनल तथा ISBT से इंटरचेंज होने के कारण दिल्ली-एनसीआर में यात्रा और ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगी। मोदीपुरम-ऋषिकेश रूट के पूरा होने के बाद दिल्ली, एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यात्रा का समय घटने के साथ धार्मिक, पर्यटन और व्यावसायिक आवाजाही को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
