अध्यात्म

कल निकलेगी अहमदाबाद की 149वीं जगन्नाथ रथयात्रा, गजराज पूजन और भगवान के 'सोनावेश' दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Rath Yatra 2026: अहमदाबाद में 149वीं जगन्नाथ रथयात्रा से पहले गजराज पूजन, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दुर्लभ सोनावेश के दर्शन तथा रथों का पूजन संपन्न हुआ। अब 16 जुलाई, बुधवार को भव्य रथयात्रा निकलेगी।

Image

अहमदाबाद में 15 जुलाई को निकलेगी 149वीं रथ यात्रा

Rath Yatra 2026: अहमदाबाद के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से निकलने वाली 149वीं वार्षिक रथयात्रा 16 जुलाई, बुधवार को निकलेगी। रथयात्रा से एक दिन पहले मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया। परंपरा के अनुसार गजराजों का विधि-विधान से पूजन किया गया, वहीं भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दुर्लभ 'सोनावेश' के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

रथयात्रा से पहले होने वाली वर्षों पुरानी परंपरा के तहत भगवान गणेश का स्वरूप माने जाने वाले गजराजों का विशेष पूजन किया गया। मंदिर के हाथीखाने में सभी हाथियों को एकत्र कर उनका चंदन, कुमकुम, रंगों और पारंपरिक आभूषणों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाथियों के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे। यही गजराज बुधवार को निकलने वाली भव्य रथयात्रा का सबसे आगे रहकर नेतृत्व करेंगे।

रथयात्रा की पूर्व संध्या पर मंदिर में कई धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत कर वार्षिक 'सोनावेश' धारण कराया गया। वर्ष में केवल एक बार होने वाले इस विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

इन धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट भी मंदिर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तीनों रथों की प्रतिष्ठा और पूजन की विधि भी संपन्न कराई गई, जिसके साथ रथयात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया।

बुधवार सुबह भगवान जगन्नाथ नगर भ्रमण के लिए रथ पर विराजमान होकर प्रस्थान करेंगे। पारंपरिक धार्मिक आयोजनों, हरिनाम संकीर्तन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकलने वाली इस ऐतिहासिक रथयात्रा के स्वागत के लिए श्रद्धालु उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: रथ यात्रा में छेरा पहरा की रस्म क्या है

अहमदाबाद की रथ यात्रा का महत्व

अहमदाबाद की जगन्नाथ रथयात्रा का इतिहास करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना माना जाता है। इसकी शुरुआत 19वीं सदी में श्री जगन्नाथ मंदिर से हुई थी। आज पुरी के बाद यह देश की सबसे प्रमुख एवं भव्य जगन्नाथ रथयात्राओं में गिनी जाती है। हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा नगर भ्रमण के लिए रथों पर विराजमान होकर निकलते हैं।

इस दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर एकत्र होते हैं, जबकि शोभायात्रा शहर के पारंपरिक मार्गों से गुजरते हुए विभिन्न धार्मिक और सामाजिक पड़ावों तक पहुंचती है। अहमदाबाद की यह रथयात्रा गुजरात के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में शामिल मानी जाती है। डेढ़ सौ साल पुरानी यह यात्रा इसी वजह से धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का एक सुंदर प्रतीक है।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

और पढ़ें
End of Article