Bihar Politics: बिहार की राजनीति में शह-मात का खेल तेज हो गया है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के ठीक पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की पार्टी 'जन सुराज' को राजधानी पटना में एक बड़ा सांगठनिक झटका लगा है। जन सुराज के कई दिग्गज नेताओं और जमीनीबिहार उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर को झटका, जन सुराज के कई नेताओं ने थामा भाजपा का दामनकार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (Jan Suraj Party Leaders Join BJP) का दामन थाम लिया है।
पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक विशेष मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और दीघा के विधायक संजीव चौरसिया की मौजूदगी में जन सुराज के नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। संजय सरावगी ने सभी नए सदस्यों को अंगवस्त्र पहनाकर भाजपा परिवार में उनका स्वागत किया।
बिट्टू सिंह और केसी सिन्हा दो बड़े नाम
भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं में दो नाम सबसे प्रमुख हैं। पहले हैं दीघा विधानसभा सीट से जन सुराज के पूर्व प्रत्याशी रहे बिट्टू सिंह और दूसरे हैं कुम्हरार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके जाने-माने शिक्षक प्रो. केसी सिन्हा। केसी सिन्हा ने साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर कुम्हरार से भाग्य आजमाया था, जहां वे त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे थे।
जन सुराज का जमीनी ढांचा को लगा झटका
इन दोनों नेताओं के साथ जन सुराज के कई स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन मुख्य चेहरों के जाने से बांकीपुर, दीघा और कुम्हरार जैसे शहरी क्षेत्रों में जन सुराज का जमीनी ढांचा कमजोर हुआ है। उपचुनाव और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों के लिहाज से जहां भाजपा को बूथ स्तर पर अतिरिक्त मजबूती मिलेगी, वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी को अब इन इलाकों में नए सिरे से अपनी गोटियां सेट करनी होंगी और नई रणनीति पर काम करना होगा।
