Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर बेहद आक्रामक हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत द्वारा 'चोरी का माल' कहे जाने पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने तीखा पलटवार किया है। शिंदे ने राउत के बयान को बेहद निचले स्तर का बताते हुए कहा कि वह ऐसी फालतू टिप्पणियों का जवाब देकर अपना वक्त जाया नहीं करना चाहते। उनके प्रवक्ता ही ऐसी बातों से निपटने के लिए काफी हैं।
दरअसल, यह पूरा विवाद शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद शुरू हुआ। इस टूट से बौखलाए संजय राउत ने आरोप लगाया था कि शिंदे 'चोरी की संपत्ति' (सांसदों के गुट) को लेकर दिल्ली गए हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उस पर मंजूरी मांग रहे हैं। राउत ने देश में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए थे।
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विपक्ष चार सालों से गालियां देने का कर रहा काम-एकनाथ शिंदे
इन आरोपों का जवाब देते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, "विपक्ष पिछले चार सालों से सिर्फ गालियां देने और दूसरों को नीचा दिखाने का काम कर रहा है। वे नफरत फैलाकर खुद अपने लिए गड्ढा खोद रहे हैं। हमारी और उनकी सोच में यही फर्क है कि वे विनाश की भाषा बोलते हैं और हम विकास की बात करते हैं।"
अमित शाह के साथ हुई बैठक को लेकर क्या बोले शिंदे?
शिंदे ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई अपनी बैठक को पूरी तरह विकास से जुड़ा और गैर-राजनीतिक बताया। उन्होंने साफ किया कि हाल ही में उनके साथ आए छह सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में सिंचाई योजनाओं, सड़कों, रेलवे और 'पीएम आवास योजना' जैसे विकास कार्यों को गति देने के लिए उन्होंने गृह मंत्री से मुलाकात की थी। इसके साथ ही शिंदे ने महिला आरक्षण और नए परिसीमन बिल का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और जनता उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
