Gwalior News: ग्वालियर के कोतवाली क्षेत्र में रविवार शाम लगभग 4 बजे एक व्यवसायी के घर में आग लग गई। आग लगने के साथ ही घर से भारी धुआं और तेज लपटें उठने लगीं। घर के अंदर उस समय परिवार के छह सदस्य मौजूद थे। इनमें से पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि बहू की मौत हो गई। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने खिड़कियां तोड़कर अंदर प्रवेश किया और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें, इस भयावह मंजर को देखा जा सकता है।
कैसे लगी घर में आग?
कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार आग तब लगी जब घर में एसी चालू था। आग तेजी से फैलते हुए पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस बीच, SDRF की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और आग बुझाने में लगी हुई है। अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने बताया कि अब तक लगभग 35 से अधिक वाहनों का पानी आग को नियंत्रित करने में इस्तेमाल किया जा चुका है।
इलाज के दौरान एक महिला की मौत
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मकान व्यापारी परिवार के तीन भाइयों गिर्राज, दिनेश और हरिओम का साझा आवास है। आग लगने के समय घर के सभी सदस्य अंदर मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने भी दमकल कर्मियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया। इस दौरान घर में घने धुएं के कारण अंकिता अग्रवाल (पति सचिन अग्रवाल) का दम घुटने लगा। उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
राहत कार्य में क्यों हुई देरी?
घटना की सूचना मिलते ही एसपी धर्मवीर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। क्षेत्रीय विधायक सतीश सिकरवार और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली। फिलहाल आग लगने के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर लगाए गए। काफी कोशिशों के बाद आग को आंशिक रूप से काबू में किया गया है, लेकिन ऊपरी मंजिलों पर अब भी लपटें दिखाई दे रही हैं। प्रशासन ने बताया कि यह क्षेत्र बहुत घना और कंजेस्टेड है, जिससे आग बुझाने वाली गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं और राहत कार्य में देरी हो रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
