फ्लायदुबई की एक फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आ रहे हैं। इन पोस्ट में महिलाओं, धर्म और पुरुष-महिला के साथ काम करने को लेकर हम्मामी के विचारों की झलक मिलती है। हालांकि, इन पुराने पोस्ट से उसके विमान में किए गए कथित हमले की वजह या मकसद अपने आप साबित नहीं होता।
शादी के बाद पत्नी को नौकरी नहीं करने देना चाहता था
सीएनएन के हवाले से बताया है कि हम्मामी के करीब 3,000 पुराने डिलीट किए गए पोस्ट की जांच की गई। इनमें 2021 और 2022 के पोस्ट भी शामिल थे। फरवरी 2022 के एक पोस्ट में हम्मामी ने अपनी शादी के लिए परिवार की ओर से की जा रही कोशिशों का जिक्र किया था। उसके मुताबिक, उसकी मां ऐसी लड़की की तलाश कर रही थीं जो शादी के बाद नकाब पहने और नौकरी छोड़ दे। पोस्ट में दावा किया गया था कि कई परिवार इन शर्तों के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद जब उसकी मां ने बताया कि उनका बेटा पायलट है, तो कथित तौर पर कुछ परिवारों ने अपना रुख बदल लिया।
पुरुष-महिला के साथ काम करने पर भी सवाल
हम्मामी के एक अन्य पुराने पोस्ट में पुरुषों और महिलाओं के साथ काम करने वाले माहौल पर सवाल उठाए गए थे। सीएनएन के विश्लेषण के मुताबिक, उसने दावा किया था कि ऐसे कार्यस्थलों का महिलाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इन पोस्ट को सीएनएन ने महिलाओं को लेकर हम्मामी के बेहद रूढ़िवादी और महिला-विरोधी विचारों के संकेत के तौर पर रिपोर्ट किया है। हालांकि, ये उसके पुराने ऑनलाइन विचार थे और इनके आधार पर उसके बाद के कथित हमले का सीधा मकसद तय नहीं किया जा सकता।
कौन है हमाम अल-हम्मामी?
जांच अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हम्मामी 29 वर्षीय ओमानी नागरिक है। वह फ्लायदुबई में को-पायलट के तौर पर काम कर रहा था। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की उड़ान में उसने कथित तौर पर कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। घटना के दौरान विमान करीब 14,000 फीट नीचे चला गया। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कथित हमलावर को काबू किया। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया। विमान में 174 लोग सवार थे।
हम्मामी को लेकर जांच में और क्या सामने आया?
जांच से जुड़े अधिकारियों के हवाले से एबीसी न्यूज ने बताया कि हम्मामी को 2024 में ओमान एयर में काम करने के दौरान सुरक्षा जोखिम के तौर पर चिन्हित किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिली थी और उसे उड़ान से हटाकर प्रशासनिक भूमिका में रखा गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इसके बावजूद वह बाद में फ्लायदुबई में को-पायलट के पद तक कैसे पहुंचा।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ ऐसे वीडियो और पोस्ट भी सामने आए हैं जिनकी जांच की जा रही है। इनमें कॉकपिट से बनाए गए वीडियो और अल-कायदा से जुड़े कुछ लोगों की तस्वीरें शामिल होने की बात कही गई है। एक अन्य पोस्ट में इस्लाम के पवित्र स्थलों की एआई-निर्मित तस्वीर के साथ मौत से न डरने वाली कविता भी थी।
क्या महिलाओं को लेकर उसकी सोच और विमान में हमले का कोई संबंध है?
यह सबसे अहम सवाल है, लेकिन अभी दोनों चीजों के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। पुराने सोशल मीडिया पोस्ट हम्मामी की महिलाओं और कामकाजी माहौल को लेकर सोच के बारे में जानकारी देते हैं। वहीं, विमान में हुआ हमला एक अलग आपराधिक और विमानन सुरक्षा जांच का विषय है। जांच एजेंसियां उसके कथित मकसद, पिछले रिकॉर्ड और घटना से पहले की गतिविधियों को जोड़कर पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर रही हैं। एबीसी न्यूज के मुताबिक, जांच से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि हम्मामी ने विमान को इजरायल में क्रैश करने की मंशा का संकेत दिया था। हालांकि, इस मामले की जांच अभी जारी है।
कैप्टन स्मित मच्छर ने कैसे बचाई 174 लोगों की जान?
हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे जा रहा था। कैप्टन स्मित मच्छर के मुताबिक, उन्हें पता था कि विमान नीचे जा रहा है और वह घायल अवस्था में कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हम्मामी को काबू किया। इसके बाद विमान में मौजूद दूसरे पायलटों ने नियंत्रण संभाला और फ्लाइट को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा गया।
