UP MP Bihar Rain Alert: यूपी में पिछले कई दिनों से मौसम में उतार चढ़ाव जारी है। पिछले दिनों 40 जिलों में हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, अब मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में अगले 24 घंटे में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। इसके अलावा दक्षिण भारत के कई शहरों में भी बादल बरस सकते हैं। इनमें से कई राज्यों में ओलावृष्टि होने का आशंका है। आइये जानते हैं कहां मौसम ज्यादा बिगड़ने वाला है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
यूपी में शनिवार की सुबह कहीं-कहीं मौसम साफ नजर आ रहा है, आसमान में सूर्य के दर्शन हो रहे हैं। लेकिन, कई इलाकों में बादल भी छाए हुए हैं। वहीं, मौसम वैज्ञानिकों ने 26 से 27 फरवरी को राजधानी लखनऊ समेत विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की आशंका जताई है। अगर, ऐसे में बारिश होती है किसानों की खेतों में पकी तिलहन की फसले बर्बाद हो जाएंगी। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश , दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में 25 से 27 फरवरी के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में बारिश और बारिश का पुर्वानुमान है। इसके अलावा असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके अतिरिक्त तेलंगाना, दक्षिण छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य बिहार में बारिश हो सकती है।
इन राज्यों का ओलावृष्टि का अनुमान
स्काईमेट वेदर के मुताबिक, 26 फरवरी को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिर सकती है, इसके अलावा ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं, यूपी, पश्चिमी बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्टि का अनुमान है। ऐसे में अगर, बारिश के साथ ओले गिरते हैं तो किसानों को बढ़ा नुकसान होने वाला है।
किसानों को भारी नुकसान
वेदर टेंडी के हवाले से बादल छटने के बाद दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। वहीं, पिछले दिनों ताजनगरी आगरा, महोबा समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान भी हुआ है। लगातार बादलों की आवाजाही से किसानों के चेहरे पर सिकन झलक रही है। इस वक्त रबी की फसलों में सरसों पक रही है और गेहूं में बालियां निकल रही हैं। अगर, ऐसे में जलभराव की स्थिति बनती है तो फसल के सड़ने की आशंका है। यदि आंधी बारिश या ओलावृष्टि हुई तो किसानों का बड़ा नुकसान हो जाएगा। सारी मेहनत खराब हो जाएगी।
