लखनऊ

UP : रक्षाबंधन की मिल गई सौगात, महिलाएं तुरंत चेक करें बैंक खाता; आ गई पेंशन की रकम

उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत प्रदेश की 36,75,623 निराश्रित महिलाओं के खाते में 1115.64 करोड़ रुपये की धनराशि ट्रांसफर की है।

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up Destitute Women Pension Scheme

रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व से पहले उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग ने निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 36 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के आधार से जुड़े बैंक खातों में 1100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित कर दी है। यह धनराशि महिलाओं का जीवन में उम्मीद की किरण बनकर सामने आ रही है। प्रदेश की वे महिलाएं, जिनके पति नहीं है या किसी कारणवश अपनों की उपेक्षा का शिकार हैं उनके लिए यह योजना सम्मान का प्रतीक है।

1115.64 करोड़ रुपये की धनराशि ट्रांसफर

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से प्राप्त बयान में कहा गया कि 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) की 1115.64 करोड़ रुपये की धनराशि अगस्त के पहले सप्ताह में ही 36,75,623 लाभार्थी महिलाओं के आधार से जुड़े खातों में भेज दी गई है। एक बयान के मुताबिक निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।

इसमें कहा गया, ‘‘2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में इस योजना के तहत 35,78,111 लाभार्थी महिलाओं को 1062.15 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की गई थी। महिला कल्याण विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए दूसरी तिमाही की पेंशन राशि समय से पहले ही पात्र महिलाओं के खाते में अंतरित कर दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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