लखनऊ

UP में 'हर घर तिरंगा' अभियान की तैयारी जोरों पर, जौनपुर में महिलाएं कर रही झंडे का निर्माण, 80 प्रतिशत काम पूरा

यूपी में हर घर तिरंगा अभियान को लेकर लोगों में काफी जोश है। इस बीच जौनपुर में सव्यं सहायता समूहों की महिलाएं ध्वज के निर्माण में लगी हुई हैं। बताया जा रहा है कि जिले के लिए 7 साल झंड़े तैयार करने का लक्ष्य है। इसका 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है और अगले 20 दिन में शेष 20 प्रतिशत काम भी पूरा हो जाएगा।

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जौनपुर में महिलाएं हर घर तिरंगा अभियान में निभा रही अहम भूमिका (फोटो - Canva)

स्वतंत्रता दिवस के नजदीक आते ही देश में हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत होने लगी है। ठीक उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी लोग 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ रहे हैं। इस बीत यूपी के जौनपुर के ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाएं 'हर घर तिरंगा' अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत, 13, 14 और 15 अगस्त को होने वाले सरकार के विशाल राष्ट्रव्यापी ध्वजारोहण अभियान से पहले, 68 स्वयं सहायता समूहों ने राष्ट्रीय ध्वज बनाने का काम हाथों में ले लिया है। जिले के लिए सात लाख झंडे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, और ये झंडे सभी ब्लॉकों के स्वयं सहायता समूहों की लगभग 350 महिलाएं बना रही हैं।

झंड़े बनाने का 80 प्रतिशत काम पूरा

सरकार द्वारा प्रत्येक महिला को प्रति झंडा 20 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। झंडे तीन आकारों में सूती या पॉलिएस्टर कपड़े से बनाए जा रहे हैं, जो सीधे एनआरएलएम द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वरोजगार उपायुक्त जितेंद्र प्रताप सिंह ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने स्वयं सहायता समूहों को सात लाख झंडे तैयार करने का लक्ष्य दिया है। सभी ब्लॉकों में 203 सेंटर संचालित हैं, जिसमें लगभग 350 स्‍वयं सहायता समूह की महिलाएं काम कर रही हैं। एक सप्ताह से तिरंगा झंडा बनाने का काम चल रहा है। इस दौरान पांच लाख झंडे बन चुके हैं। चार लाख के करीब झंडों की बिक्री हो चुकी हैं। अब तक, हमने लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है, और शेष 20 प्रतिशत अगले दो दिनों में पूरा हो जाएगा। समय सीमा को पूरा करने के लिए काम चौबीसों घंटे चल रहा है।

प्रति झंडे पर मिलते हैं 20 रुपये

उन्‍होंने कहा कि समय पर उत्पादन पूरा हो, यह सुनिश्चित करने के लिए, ब्लॉक मिशन प्रबंधकों (बीएमएम) को प्रतिदिन प्रगति की निगरानी और रिपोर्ट करने का काम सौंपा गया है। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद अभियान में तेजी आई है, जिससे पूरी प्रशासनिक मशीनरी इसकी सफलता के लिए काम करने के लिए प्रेरित हुई है। एक स्वयं सहायता समूह की सदस्य संगीता काला ने कहा कि स्वयं सहायता समूह में 15 महिलाएं काम कर रही हैं। 25 हजार झंडे बनाने थे, जिसमें से 15 हजार बन चुके हैं। मानदेय के तहत प्रति झंडे पर 20 रुपए मिलेंगे और मिले हुए रुपए को समूह की 15‍ महिलाओं में बांटा जाएगा। 'हर घर तिरंगा' पहल का उद्देश्य नागरिकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे भारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति की भावना पैदा हो।

(इनपुट - आईएएनएस)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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