कल का मौसम कैसा रहेगा : मौसम विभाग ने उत्तर भारत में मौसम में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। गुरुवार की सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में हल्की हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही है, जिससे करवाचौथ पर चांद के निकलने पर संदेह है। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ और अर्नब के असर से अगले दो दिन मौसम खराब रहेगा और आंधी-तूफान के साथ बादल बरसते नजर आ सकते हैं। पहाड़ों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले भागों पर मध्यम स्तर की वर्षा का पूर्वानुमान है। इस दौरान हिमालयी भागों पर बर्फबारी और ओलावृष्टि से तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को ठंडक का एहसास होगा। उधर, बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन और चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से भीषण तूफानी हवाएं चल रही हैं और पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मूसलाधार वर्षा हो रही है, जिससे जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है।
दिल्ली का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का पहरा है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान आसमान बादलों से ढके रह सकते हैं। खासकर, करवा चौथ के अवसर पर दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में आसमान में बादल छाए रहने के कारण चांद देखने में परेशानी हो सकती है। दरअसल, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 और 30 अक्टूबर को कई क्षेत्रों में बारिश होने का अलर्ट है। आईएमडी ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में आसमान में बादल छाए रहेंगे। खासकर दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में बादलों के कारण चांद देखने में कुछ परेशानी हो सकती है। हवा की गति लगभग 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की जानकारी दी गई।
मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में चक्रवात ’अर्नब’ के प्रभाव से बूंदाबांदी होने और ठंड बढ़ने का अलर्ट है। राज्य के पूर्वी हिस्से के नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी भोपाल में भी लगातार बूंदाबांदी हुई। आईएमडी के भोपाल केंद्र ने बताया कि पूर्वी मध्यप्रदेश के सीधी, उमरिया, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, शहडोल और अनूपपुर जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान के कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है। अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है। खासकर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। साथ ही, आंधी-तूफान, 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं। 30 और 31 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
कहां पहुंचा अर्नब तूफान
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' कमजोर होकर दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर एक 'डिप्रेशन' (Low Dipration) में बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में इसके और कमजोर होने की संभावना है। इस बीच, एक नए 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के कारण पंजाब और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना है, जिसका असर राजस्थान के कुछ हिस्सों के मौसम पर भी पड़ रहा है।
ओडिशा में कैसा रहेगा मौसम
अर्नब तूफान के कारण पिछले 24 घंटों में आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। दक्षिण ओडिशा में लगभग 55 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जिसके कारण कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। अगले 24 घंटों तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश जारी रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी बारिश हुई है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को बिहार के कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का भी अनुमान है। झारखंड में अगले दो दिनों तक बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है। आंध्र प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होने और तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना नहीं होने की बात कही गई।
