राजधानी सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से चल रही डग्गामार बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने रविवार को कड़ी कार्रवाई की। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की प्रवर्तन टीम ने विभिन्न इलाकों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाकर 30 बसों और एक कार को सीज कर दिया है। इसके अलावा तीन बसों का चालान भी किया गया। अधिकारियों ने साफ कहा है कि बिना परमिट या नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
कई रूटों पर पकड़ी गईं बिना परमिट चल रही बसें
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात कुमार पांडेय ने बताया कि रविवार को विशेष अभियान के तहत अहमामऊ चौराहा से आजमगढ़ और कमता चौराहा से अयोध्या जाने वाली 13 बसों को सीज किया गया। इसके अलावा मड़ियांव–भिटौली–सीतापुर मार्ग पर चल रही 12 बसें और अवध चौराहा से आगरा एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाली 6 बसें भी निरुद्ध की गईं। इनमें अधिकांश बसें बिना वैध परमिट के या तय रूट से भटक कर यात्रियों को ले जा रही थीं।
सीज बसें अलग-अलग स्थानों पर खड़ी
सीज की गई बसों को सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग स्थानों पर खड़ा किया गया है। वृंदावन स्थित पी-4 पार्किंग, कैसरबाग के अवध डिपो कार्यशाला, थाना मड़ियांव और बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र में इन बसों को निरुद्ध रखा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के बिना ये बसें दोबारा सड़क पर नहीं उतारी जाएंगी।
प्रवर्तन टीम ने चलाया सघन अभियान
इस कार्रवाई में एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, आभा त्रिपाठी, अनीता वर्मा, मनोज भारद्वाज और एसपी देव भी शामिल रहे। टीम ने कई घंटे तक लगातार जांच अभियान चलाकर बसों के दस्तावेज, परमिट और फिटनेस की स्थिति का परीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि कई बस संचालक यात्रियों को धोखे में रखकर ओवरलोडिंग करते थे और अनधिकृत रूटों पर चल रहे थे, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।
आरटीओ प्रवर्तन की चेतावनी, अभियान जारी रहेगा
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात कुमार पांडेय ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में राजधानी और आसपास के जिलों में बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जो भी वाहन संचालक परमिट नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।
