लखनऊ

खुशखबरी! अब रामलला के साथ फोटो ले सकते हैं भक्त, अयोध्या में बने सेल्फी पॉइंट

Ayodhya News: राम भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अयोध्या में भगवान राम के साथ अब आप भी फोटो ले सकते हैं। ट्रस्ट ने कई जगहों पर सेल्फी पॉइंट बनाए हैं। रामलला के मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध है, ऐसे में भक्तों के लिए ये खास इंतजाम किया गया है।

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अयोध्या में कई जगह बनाए गए सेल्फी पॉइंट।

Selfie Points in Ayodhya: अयोध्या में प्रभु राम के विराजमान हुए लगभग 6 महीने पूरे हो चुके हैं। रामलला के विराजमान होने के बाद अब तक करीब 2 करोड़ से ज्यादा राम भक्तों ने पूजा-अर्चना की है। प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा की संख्या में भक्त रामलला का दर्शन करने अयोध्या पहुंच रहे हैं।

कई जगह ट्रस्ट ने बनाए सेल्फी पॉइंट

अयोध्या पहुंच रहे सभी भक्तों के मन में इच्छा होती है कि वे प्रभु राम के साथ एक तस्वीर अपने मोबाइल में कैद करें। इसी को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन मार्ग पर कई जगह सेल्फी पॉइंट बनाए हैं। जहां देश दुनिया से आने वाले राम भक्त प्रभु राम के साथ सेल्फी लेते हुए नजर आ रहे हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम जन्मभूमि पथ पर दो सेल्फी पॉइंट बनवाए हैं, जिसे गर्भ गृह की तरह ही सजाया और संवारा गया है।

ट्रस्ट की ओर से शुरू हुई यह सुविधा

राम मंदिर में मोबाइल पर प्रतिबंध होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए ट्रस्ट की ओर से यह सुविधा शुरू की गई है। आपको बताते चलें प्रभु राम के विराजमान होने के बाद नवनिर्मित मंदिर में राम भक्त कुछ दिनों तक मोबाइल ले जाते थे, लेकिन धीरे-धीरे सुरक्षा कारण से मोबाइल पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

परिसर में मोबाइल फोन पर है प्रतिबंध

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि रामलला के परिसर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध है। मंदिर परिसर में फोटो और सेल्फी लेने से दर्शन में श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही थी। इसी को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने मोबाइल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया था। लेकिन, अब राम जन्मभूमि पथ पर राम भक्तों के लिए दो जगहों पर सेल्फी पॉइंट बनाया गया है। कई और जगहों पर भी सेल्फी प्वाइंट बनाए जाने की तैयारी चल रही है।

बनारस से अयोध्या आने वाली श्रद्धालु प्रियंका ने बताया कि रामलला के दर्शन के बाद मन प्रफुल्लित हो गया। सेल्फी पॉइंट पर प्रभु राम के साथ सेल्फी ली, बहुत अच्छा लगा। राम मंदिर ट्रस्ट बहुत अच्छा काम कर रहा है। हर भक्त के मन में इच्छा होती है कि वह अपने भगवान के साथ एक फोटो ले सके। ट्रस्ट ने यह इच्छा पूरी की है, ट्रस्ट को धन्यवाद।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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