यूपी की 4 हस्तियों को पद्म श्री
Padma Shri Award 2025 : राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 28 अप्रैल 2025 को पद्म पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए । देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों - पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण में प्रदान किए गए। इनमें से यूपी की 4 हस्तियों को पद्म श्री पुरस्कार मिले, जिन्हें प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। ये चार हस्तियां डॉ. श्याम बिहारी अग्रवाल, हृदय नारायण दीक्षित, गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ और डॉ. सत्यपाल सिंह हैं। सीएम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए प्रदेश के चारों विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि देश और प्रदेश के लिए इनका योगदान महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने लिखा कि कला, साहित्य खेल जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में दिया गया इनका विशिष्ठ योगदान भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। देश के 10 पद्म श्री पुरस्कार में से चार उत्तर प्रदेश के विभूतियों को मिलना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने प्रख्यात चित्रकार, लेखक और समर्पित शिक्षक डॉ. श्याम बिहारी अग्रवाल को ‘पद्म श्री’ मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी साधना, शिक्षण और सृजनशीलता ने भारतीय कला-जगत में अमिट छाप छोड़ी है।
योगी ने कहा कि आपका यह सम्मान संपूर्ण कला जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है और कला क्षेत्र आपके योगदान से निरंतर प्रेरणा प्राप्त करता रहेगा। हृदय नारायण दीक्षित को ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी लेखनी भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। दीक्षित के लेखन में गहन राष्ट्रीय, सामाजिक व सांस्कृतिक चिंतन, राष्ट्रधर्म के प्रति अटूट आस्था और सामाजिक जागरण का संकल्प झलकता है और उनकी लेखनी सदा राष्ट्रबोध का दीप प्रज्वलित करती रहे।
हृदय नारायण दीक्षित उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के लउवा गांव ताल्लुक रखते हैं। 25 दिसंबर 1946 को उनका जन्म हुआ। उन्हें शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अब तक 31 पुस्तकें लिखी हैं। उनके विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में 6 हजार से अधिक आलेख प्रकाशित हो चुके हैं।
हृदय नारायण दीक्षित ने अपने जीवन में कई उतार चढ़ाव देखे। वे पहली बार 1972 में जिला परिषद के सदस्य बने और आपातकाल के दौरान जेल में भी रहे। वे भारतीय जनता पार्टी के उन्नाव जिला उपाध्यक्ष और अध्यक्ष भी रहे। 1985 में पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 1989, 1991, 1993 और 2017 में विधायक निर्वाचित हुए। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में विधानसभा अध्यक्ष भी रहे। साल 2010 में विधान परिषद के सदस्य बने।