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भीषण बारिश से थमा अहमदाबाद : स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद, वर्क फ्रॉम होम करेंगे कर्मचारी! कई जिलों में अलर्ट

अहमदाबाद में भारी बारिश के कारण प्रशासन ने 24 जुलाई को स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है और निजी संस्थानों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की अपील की है।

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अहमदाबाद में बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

अहमदाबाद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर के कई इलाकों में 13 इंच से अधिक वर्षा दर्ज किए जाने के बाद स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त बंछानिधि पानी ने 24 जुलाई को शहर के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर निजी और अन्य व्यावसायिक संस्थानों से भी अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) की सुविधा देने की अपील की है। नगर आयुक्त ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य न केवल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना भी है, ताकि राहत एवं बचाव कार्य सुचारू रूप से चल सकें।

मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना व्यक्त किए जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। नगर निगम की टीमें आपातकालीन सेवाओं में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

गुजरात के 10 जिलों में अलर्ट

आईएमडी ने मध्य गुजरात के पंचमहल, दाहोद और महिसागर जिलों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का ’रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा 11 जिलों के लिए ’ऑरेंज अलर्ट’ और 10 जिलों के लिए ’येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने वलसाड, नवसारी, तापी, गांधीनगर और साबरकांठा सहित राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार दक्षिण गुजरात में इस मौसम की औसत वर्षा का 62 प्रतिशत से अधिक पानी अब तक गिर चुका है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, पूरे गुजरात में अब तक इस मानसून सत्र की औसत वार्षिक वर्षा की लगभग 36 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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