वलसाड : जिले में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिसके चलते प्रशासन ने अब राहत और बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर की मदद लेनी शुरू कर दी है। जिन दुर्गम इलाकों में एनडीआरएफ की नावें नहीं पहुँच पा रही थीं, वहाँ दमन कोस्ट गार्ड के हेलीकॉप्टर को तैनात किया गया है। रेस्क्यू का पहला सफल ऑपरेशन वापी के सलवाव क्षेत्र में अंजाम दिया गया, जहाँ एक युवक ने बाढ़ के पानी से घिरने के बाद अपनी जान बचाने के लिए बिजली के खंभे का सहारा लिया था।
प्रशासन के अनुसार, यह युवक बुधवार से ही बिजली के पोल पर चढ़ा हुआ था और सुरक्षित बाहर निकाले जाने का इंतजार कर रहा था। जैसे ही स्थानीय अधिकारियों को इस स्थिति की सूचना मिली, वापी मामलतदार की मौजूदगी में तुरंत हेलीकॉप्टर के जरिए बचाव अभियान शुरू किया गया। हवा के बीचों-बीच सटीक कुशलता दिखाते हुए कोस्ट गार्ड के जवानों ने पोल पर फंसे युवक को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया। जिला प्रशासन ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि इस सफल रेस्क्यू के बाद अब उन सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुँचाना आसान होगा जहाँ जलभराव के कारण नावों का पहुंचना पूरी तरह असंभव हो गया था।
दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी बारिश
दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी बारिश के कारण लगभग 1,200 लोगों को बचाया गया और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया गया। उमरगाँव तालुका में सिर्फ़ 16 घंटों में 1,100 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश हुई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तापी जिले में बारिश से जुड़ी घटना में एक व्यक्ति की मौत की खबर है, जबकि बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य की एसडीआरएफ टीमों के साथ-साथ वायुसेना और तटरक्षक बल को भी अलर्ट पर रखा गया है।
आईएमडी का क्या है अलर्ट
आईएमडी ने मध्य गुजरात के पंचमहल, दाहोद और महिसागर जिलों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का ’रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा 11 जिलों के लिए ’ऑरेंज अलर्ट’ और 10 जिलों के लिए ’येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने वलसाड, नवसारी, तापी, गांधीनगर और साबरकांठा सहित राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार दक्षिण गुजरात में इस मौसम की औसत वर्षा का 62 प्रतिशत से अधिक पानी अब तक गिर चुका है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, पूरे गुजरात में अब तक इस मानसून सत्र की औसत वार्षिक वर्षा की लगभग 36 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।
