भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या आज यानी शुक्रवार 12 सितंबर को ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनी। मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन चंद्र रामगुलाम अपनी पत्नी वीना रामगुलाम और 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां दर्शनों के लिए पहुंचे। भूटान के प्रधानमंत्री के बाद वह दूसरे राष्ट्राध्यक्ष हैं, जिन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया स्वागत
अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं प्रधानमंत्री का स्वागत किया। मॉरिशस के प्रधानमंत्री का रेड कार्पेट बिछाकर, मंत्रोच्चारण, कलश-आरती और पुष्पवर्षा से अभिनंदन किया गया। उनकी मौजूदगी के समय ढोल-नगाड़ों और शंखनाद से वहां का पूरा वातावरण आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण हो गया।
रामलला के दरबार में दर्शन-पूजन
एयरपोर्ट से निकलने के बाद प्रधानमंत्री रामगुलाम सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पत्नी के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की और रामलला की आरती उतारी। उन्होंने शीश नवाकर भगवान से भारत और मॉरीशस के मजबूत रिश्तों का आशीर्वाद भी मांगा। इस दौरान उन्होंने कई बार 'जय श्रीराम' का उद्घोष किया।
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है यह दौरा
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि मॉरिशस के प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। वहीं प्रधानमंत्री रामगुलाम ने अयोध्या की पावन धरती पर आकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और भगवान राम के प्रति आस्था जताई।
मंदिर परिसर में हुए विशेष आयोजन
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में टाटा कंपनी की ओर से मंदिर निर्माण से जुड़ी एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें मंदिर की भव्यता और शिल्पकला की झलक मौजूद थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को राम मंदिर का मॉडल और उनकी पत्नी वीना रामगुलाम को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
भारत-मॉरीशस संबंध
भारत और मॉरीशस के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गहराई से जुड़े हैं। मॉरीशस की आबादी का एक बड़ा हिस्सा भारतीय मूल का है और वहां रामायण व भारतीय परंपराओं के प्रति गहरी आस्था है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री रामगुलाम का अयोध्या आगमन दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री रामगुलाम की यात्रा के दौरान अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहे। एयरपोर्ट से मंदिर तक पूरे मार्ग की निगरानी सीसीटीवी से की गई। मंदिर परिसर में सुरक्षा की कमान एटीएस और पुलिस बल ने संभाली।
