लखनऊ

यूपी में पुलिस हिरासत में शख्स की मौत! पुलिस ने आरोपों का किया खंडन; क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में पुलिस छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक के परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि उनके रिश्तेदार की मौत पुलिस हिरासत में हुई है और उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

लखीमपुर खीरी में पुलिस छापेमारी के बाद मारे गए एक व्यक्ति के परिवार के सदस्यों ने कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उनके रिश्तेदार की मौत पुलिस हिरासत में हुई। पुलिस ने उनके दावों का खंडन करते हुए कहा कि मारा गया व्यक्ति गैंगस्टर अधिनियम के तहत आरोपी था और सोमवार रात छापेमारी के दौरान पुलिस से भागते समय उसकी मौत हो गई। एक पुलिस उपाधीक्षक द्वारा मृतक के परिवार के सदस्यों से बात करने का एक कथित वीडियो ऑनलाइन सामने आया है।

पुलिस ने क्या कहा?

वीडियो में लखीमपुर के डीएसपी पी पी सिंह यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वीडियो में लखीमपुर के पुलिस उपाधीक्षक पीड़ित परिवार से यह कहते दिख रहे हैं, ‘‘ना तो निघासन थाना के एसएचओ (थाना प्रभारी) को निलंबित किया जाएगा और ना ही आपको 30 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। जो चाहे करो.. लाश चाहे जितने दिन रखो।’’

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

इस घटना का वीडियो समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी साझा किया है। मृतक के परिजनों के मुताबिक, रामचंद्र (35) को ‘‘सोमवार की रात अवैध शराब बनाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था लेकिन पुलिस हिरासत में उसकी तबियत बिगड़ गई और उसे एक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।’’

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘‘निर्दयी पार्टी’’ करार दिया। रामचंद्र के परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर रामचंद्र की हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले की जांच किए जाने और 30 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की।

लोगों ने किया प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक मृतक के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस उनकी सहमति के बगैर शव को पोस्टमार्टम के लिए जबरदस्ती लेकर गई। इन आरोपों पर जवाब देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने दावा किया कि रामचंद्र गैंगस्टर कानून के तहत आरोपी था और दबिश के दौरान भागने के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि वह पुलिस हिरासत में नहीं मरा।

उन्होंने पोस्टमार्टम के बारे में कहा कि चिकित्सकों के एक पैनल ने पोस्टमार्टम किया और इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मृत्यु का कारण सदमा लगना था और विसरा सुरक्षित रखा गया है।

इनपुटः भाषा

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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