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Lucknow Bhool Bhulaiya History: लखनऊ की सदियों पुरानी भूल भुलैया, यहां बिना गाइड के गए तो हो जाएंगे लापता

Secrets of Bhool Bhulaiya Lucknow in Hindi: कहते हैं कि लगखनऊ की इस इमारत के कान हैं। यानी यहां अगर धीरे से भी बात करें तो आपकी आवाज़ काफी दूर तक पहुंचती है। यह इमारत लगभग 200 साल पहले बनाई गई थी।

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लखनऊ, भूल भुलैया

Photo : Twitter

History of Lucknow Bhool Bhulaiyaa: लखनऊ अपनी संस्कृति, अपने खान-पान और अपने सुंदर जगहों के लिए फेमस है। यहां शान में खड़ी सुंदर और ऐतिहासिक इमारतें न जाने कितने रहस्यों को अपने अंदर छिपाए खड़ी हैं। यहां की लगभग सभी इमारतों का अपना कोई ना कोई अलग इतिहास और खासियत है। आज हम उन्हीं में से एक अनोखे और रहस्यमयी इमारत की बात करेंगे। तो आइए जानते हैं क्या हा इस इमारत में खास।

कहते हैं कि लगखनऊ की इस इमारत के कान हैं। यानी यहां अगर धीरे से भी बात करें तो आपकी आवाज़ काफी दूर तक पहुंचती है। यह इमारत लगभग 200 साल पहले बनाई गई थी, जो दुनियाभर में जानी भी जाती है। तो आइए जानते है इस इमारत के बारे में।

आपको बता दें कि इस इमारत का नाम भूल भुलैया है। यहां हमेशा पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। इसे बड़ा इमामबाड़ा के अंदर बनाया गया है। ये जगह बेहद ही शानदार है। यही वजह है कि इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है।

यहां आपक आप हो जाएगा लापता

इसे बड़ी खूबसूरती और करीने से बानाया गया है। इसका भूल भुलैया नाम इसलिए पड़ा कि आप यहां आकर खो जाएंगे। इसे तरह बनाया गया है कि यहां आपको चार दरनावाजे देखने को मिलेंगे, लेकिन जब आप इसके अंदर होंगे तो आपको लगेगा कि इनमें से किस दरवाजे से निकला जाए, लेकिन आपको ये समझ नहीं आएगा। इसलिए ही तो यह भूल भुलैया है। यहां चार दरवाजे तो जरूर हैं, लेकिन कोई एक दरवाजा ही है, जिससे बाहर जा सकते हैं।

45 सीढ़ियां पार कर मिलेगा रास्ता

इस भूल भुलैया में आप बिना किसी गाइड के अदंर जाने पर फंस सकते हैं। यहां जाने के लिए आपको करीब 45 सीढ़ियों को पार करना होता है। यहां एक खिड़की भी बानाई गई छी, जहां से दुश्मनों को देखा जा सकता था। लेकिन ये खिड़कियां इस इमारत के बाहर नजर नहीं आती हैं।

सिपाही दीवारों के जरिए करते थे बातें

यहां की वास्तुकला कमाल की है। भूल भुलैया में काफी छोटे रास्ते हैं, लेकिन इन्हें इस तरह से बानाया गया है कि आपको घूटन का एहसास तक नहीं होता है। यहां की दीवारों काफी चौड़ी और मौटी हैं, लेकिन अगर आप यहां धीमी आवाज में भी बाद करेंगे तो दीवार के इस पार सुनाई देता है। कहा जाता है कि यहां सिपाही इन्हीं दीवारों से एक दूसरे से संपर्क किया करते थे।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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