History of Lucknow Bhool Bhulaiyaa: लखनऊ अपनी संस्कृति, अपने खान-पान और अपने सुंदर जगहों के लिए फेमस है। यहां शान में खड़ी सुंदर और ऐतिहासिक इमारतें न जाने कितने रहस्यों को अपने अंदर छिपाए खड़ी हैं। यहां की लगभग सभी इमारतों का अपना कोई ना कोई अलग इतिहास और खासियत है। आज हम उन्हीं में से एक अनोखे और रहस्यमयी इमारत की बात करेंगे। तो आइए जानते हैं क्या हा इस इमारत में खास।
कहते हैं कि लगखनऊ की इस इमारत के कान हैं। यानी यहां अगर धीरे से भी बात करें तो आपकी आवाज़ काफी दूर तक पहुंचती है। यह इमारत लगभग 200 साल पहले बनाई गई थी, जो दुनियाभर में जानी भी जाती है। तो आइए जानते है इस इमारत के बारे में।
आपको बता दें कि इस इमारत का नाम भूल भुलैया है। यहां हमेशा पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। इसे बड़ा इमामबाड़ा के अंदर बनाया गया है। ये जगह बेहद ही शानदार है। यही वजह है कि इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है।
यहां आपक आप हो जाएगा लापता
इसे बड़ी खूबसूरती और करीने से बानाया गया है। इसका भूल भुलैया नाम इसलिए पड़ा कि आप यहां आकर खो जाएंगे। इसे तरह बनाया गया है कि यहां आपको चार दरनावाजे देखने को मिलेंगे, लेकिन जब आप इसके अंदर होंगे तो आपको लगेगा कि इनमें से किस दरवाजे से निकला जाए, लेकिन आपको ये समझ नहीं आएगा। इसलिए ही तो यह भूल भुलैया है। यहां चार दरवाजे तो जरूर हैं, लेकिन कोई एक दरवाजा ही है, जिससे बाहर जा सकते हैं।
45 सीढ़ियां पार कर मिलेगा रास्ता
इस भूल भुलैया में आप बिना किसी गाइड के अदंर जाने पर फंस सकते हैं। यहां जाने के लिए आपको करीब 45 सीढ़ियों को पार करना होता है। यहां एक खिड़की भी बानाई गई छी, जहां से दुश्मनों को देखा जा सकता था। लेकिन ये खिड़कियां इस इमारत के बाहर नजर नहीं आती हैं।
सिपाही दीवारों के जरिए करते थे बातें
यहां की वास्तुकला कमाल की है। भूल भुलैया में काफी छोटे रास्ते हैं, लेकिन इन्हें इस तरह से बानाया गया है कि आपको घूटन का एहसास तक नहीं होता है। यहां की दीवारों काफी चौड़ी और मौटी हैं, लेकिन अगर आप यहां धीमी आवाज में भी बाद करेंगे तो दीवार के इस पार सुनाई देता है। कहा जाता है कि यहां सिपाही इन्हीं दीवारों से एक दूसरे से संपर्क किया करते थे।
