लखनऊ

Lucknow Traffic: लखनऊ में बदल रहा है ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, 155 चौराहों और तिराहों पर होगा ये बदलाव

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 23, 2023, 01:48 PM IST

Lucknow Traffic: राजधानी लखनऊ की सड़कों पर ट्रैफिक का लोड लगातार बढ़ता जा रहा है, इस वजह से कई जगह जाम की परेशानी हो जाती है। इस परेशानी से वाहन चालकों को जल्द निजात मिलेगी। लखनऊ के ट्रैफिक को अब मायानगरी मुंबई की तर्ज पर कंट्रोल किया जाएगा। लखनऊ के 155 चौराहों और तिराहों पर आईटीएमएस के कैमरे में नया सॉफ्टवेयर लगेगा।

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मुंबई की तर्ज पर लखनऊ में कंट्रोल होगा ट्रैफिक

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • लखनऊ में ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम हो रहा बदलाव
  • मुंबई की तर्ज पर राजधानी लखनऊ में कंट्रोल किया जाएगा ट्रैफिक
  • जाम की समस्या से मिलेगी निजात

Lucknow Traffic: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मायानगरी मुंबई की तर्ज पर ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। ट्रैफिक कंट्रोल होने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी। दरअसल, राजधानी लखनऊ की आबादी बढ़ने की वजह से ट्रैफिक का दवाब बढ़ता जा रहा है। रोजाना राजधानी के लोगों को सड़क जाम से जूझना पड़ता है। इससे समय बर्बाद होता है साथ ही वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। ऐसे में लखनऊ के लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम का आधुनिकीकरण करने का फैसला लिया गया है।

उधर, लखनऊ में 10 फरवरी से आयोजित होने वाले जी 20 सम्मेलन को लेकर भी तैयारी की जा रही हैं। जी 20 सम्मेलन से पहले मुंबई के तर्ज पर लखनऊ का ट्रैफिक कंट्रोल करने की तैयारी की जा रही है। ताकि आने वाले मेहमानों को जाम की समस्या ना जूझना पड़े।

ट्रैफिक प्रबंधन सिस्टम से लगे 700 कैमरे

आपको बता दें कि लालबाग स्थित आईटीएमएस के कंट्रोल रूम में चौराहे का ट्रैफिक लोड पर सर्वे किया जा रहा है। इसी आधार पर यातायात विभाग एक रिपोर्ट तैयार करेगा और सिग्नल टाइमर में परिवर्तन करेगा। लखनऊ के 155 चौराहों और तिराहों पर आईटीएमएस के कैमरे में नया सॉफ्टवेयर लगेगा। सॉफ्टवेयर के जरिये ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए ट्रैफिक सिग्नल की बत्तियां चलेंगी। लखनऊ में समेकित ट्रैफिक प्रबंधन सिस्टम से 700 कैमरे लग गए हैं। कैमरों में सेंसर लगाए हुए हैं, जो 500 मीटर की दूरी तक के ट्रैफिक पर निगाह रखेंगे।

एक फरवरी से शुरू हो जाएगा ट्रायल

सेंसर के जरिए जिस भी ट्रैफिक सिग्नल पर ज्यादा दवाब दिखाई देगा, यह सेंसर उसके अनुसार ट्रैफिक सिग्नलों को रेड, ग्रीन और येलो लाइट में बदलाव करेगा। आईटीएमएस के व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम पर सॉफ्टवेयर के जरिये सिग्नल कंट्रोल किया जाएगा। इससे सड़कों पर बिना जाम में लोग फंसे आसानी से गुजर सकेंगे। व्यवस्था से काफी हद तक सिग्नल टाइट के कारण लगने वाले एक लेन में जाम की समस्या से राहत मिलेगी। ट्रैफिक विभाग के अधिकारी का कहना है कि, नया सॉफटवेयर कैमरे में अपलोड करने का काम शुरू कर दिया है। एक फरवरी से ट्रायल शुरू हो जाएगा। इस दौरान जहां भी परेशानी आएंगी। उसे पांच दिनों के अंदर सुधार कर लिया जाएगा।
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