लखनऊ

Rat Bites Prisoner: लखनऊ जिला जेल में बंदी हुए चूहों से परेशान, महिला ने कोर्ट में दी अर्जी

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 23, 2022, 08:50 PM IST

Lucknow Rat Bites Female Prisoner: लखनऊ की जिला जेल में इस समय चूहों का आतंक है। बंदियों को सजा नहीं चूहों का ज्यादा डर सता है। महिला बंदी ने अपने अधिवक्ता के जरिए जिला जज से शिकायत की है।

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लखनऊ जिला जेल में बंदी हुए चूहों से परेशान, महिला पहुंची कोर्ट

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • लखनऊ जिला जेल में चूहों के आतंक से बंदी परेशान
  • महिला बंदी को बैरक में सोते समय चूहे ने काटा
  • बंदी की आरोप, शिकायत पर नहीं लगाए एंटी रेबीज इंजेक्शन

Lucknow Rat Bites Female Prisoner: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की जिला जेल में बंद कैदियों को चूहों का डर सता रहा है। चूहों के आतंक के परेशान एक बंदी महिला ने जिला जज संजय शंकर पांडे से शिकायत की है कि, रात में सोते समय चूहे परेशान कर रहे हैं। उसके हाथ में एक चूहे ने काट भी लिया है। जिला जेल की बंदी महिला ने आरोप लगाया कि, चूहे के काटने की शिकायत जेल प्रशासन से भी की गई। लेकिन शिकायत के बाद भी रेबीज का इंजेक्शन भी नहीं लगवाया गया। बंदी को संक्रमण का डर सता रहा है। कोर्ट ने रिपोर्ट तलब की तो जेल अधीक्षक ने बताया कि, बंदी को टिटबैंक का इंजेक्शन लगाया गया था।

दरअसल, बंदी महिला की तरफ से वकील राम शरण द्विवेदी ने जिला जज को कोर्ट में अर्जी दाखिल की। अर्जी में बताया कि, 14 अक्टूबर की रात में बैरक में सोते समय एक बड़े चूहे ने बंदी महिला को काट लिया। चूहे के काटने से हाथ में घाव हो गया और असहनीय पीड़ा भी हुई।

बंदी ने रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगाने का लगाया आरोप

बंदी महिला ने इसकी शिकायत जेल प्रशासन से की। महिला ने आरोप लगाया कि, शिकायत करने के बाद भी जेल प्रशासन ने एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाए। जबकि रेबीज का इंजेक्शन दस दिन के अंदर लगना चाहिए था लेकिन, जेल में समुचित इलाज नहीं मिल पाया। ना ही रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। इस वजह से महिला बंदी को गंभीर इंफेक्शन होने का खतरा बना है। अर्जी में यह भी कहा गया है कि, जेल में चूहों की भरमार है, चूहे रात में सोते समय कैदियों के ऊपर से गुजरते हैं। खाने-पीने की चीजें और कपड़े बर्बाद कर देते हैं।

केजीएमयू या बलरामपुर अस्पताल में इलाज कराने का अनुरोध

अर्जी में महिला बंदी ने रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) और बलरामपुर अस्पताल में इलाज से कराए जाने की मांग की है। अर्जी पर जिला जज ने जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगाई तो बताया गया किस, शिकायत पर बंदी महिला को टिटबैंक का इंजेक्शन लगाया गया था।

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