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आतंकवाद और कट्टरपंथ पर महाराष्ट्र सरकार की बड़ा स्ट्राइक, 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों पर लगाया प्रतिबंध, राजपत्र अधिसूचना जारी

Voice of Khurasan Magazine Ban: महाराष्ट्र सरकार ने 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों और पत्रिकाओं की भौतिक व डिजिटल प्रतियों को जब्त करने की राजपत्र अधिसूचना जारी की।

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आतंकवाद और कट्टरपंथ पर महाराष्ट्र सरकार की बड़ा स्ट्राइक, 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों पर लगाया प्रतिबंध, राजपत्र अधिसूचना जारी

Maharashtra Bans 114 Radical Publications: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। राज्य के गृह विभाग ने 6 अगस्त 2026 को एक असाधारण राजपत्र अधिसूचना जारी करते हुए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों, पत्रिकाओं और अन्य साहित्य की सभी भौतिक एवं डिजिटल प्रतियों को तुरंत प्रभाव से जब्त करने की घोषणा की है।

गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह कड़ी कार्रवाई एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की विस्तृत जांच, खुफिया एजेंसियों से प्राप्त इनपुट और लगातार जारी साइबर निगरानी के आधार पर की गई है। कार्रवाई के मुख्य कारण:

युवाओं का ब्रेनवॉश: जांच में सामने आया कि ये कट्टरपंथी साहित्य और डिजिटल सामग्री युवाओं को भड़काकर उग्रवाद की ओर धकेलने और आतंकी संगठनों में भर्ती को बढ़ावा देने में इस्तेमाल हो रहे थे।

देश की सुरक्षा को खतरा: सरकार के अनुसार, ये प्रकाशन हिंसक उग्रवाद का महिमामंडन करते हैं और देश की संप्रभुता, अखंडता, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन सभी 114 साहित्य और दस्तावेजों की जब्ती का आधिकारिक आदेश जारी किया है। आदेश के लागू होते ही इन 114 प्रकाशनों के प्रकाशन, प्रसार, वितरण, बिक्री, सार्वजनिक प्रदर्शन तथा किसी भी भौतिक या डिजिटल रूप में संग्रहण को कानूनी रूप से जब्ती और कार्रवाई के दायरे में लाया गया है।

प्रतिबंधित सूची में 'Voice of Khurasan Magazine', 'The Revolutionary Resurgence', 'Kashmir Kifah – Resilience & Courage', 'The Soul of Resistance', और 'Nawai Gazwa-e-Hind' जैसे प्रमुख और संवेदनशील दस्तावेज शामिल हैं। जहां इससे यह साफ है कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल और प्रिंट मीडिया के माध्यम से फैलाए जाने वाले प्रोपेगैंडा पर यह डिजिटल स्ट्राइक युवाओं को राह भटकने से बचाने और राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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