लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नए निर्माण कार्यों को लेकर सरकार ने कवायत तेज कर दी है। प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी पर दो नए पुल के निर्माण समेत 10 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रयागराज में सलोरी और हेतापट्टी के बीच गंगा नदी पर नया पुल बनाने और यमुना नदी पर बने सिग्नेचर पुल के समानांतर एक नया पुल बनाया जाएगा। प्रयागराज और चित्रकूट को मिलाकर एक विकास क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार होगा जो प्रयागराज से मिर्जापुर और वहां से भदोही होते हुए काशी, चंदौली और गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ेगा। चित्रकूट से प्रयागराज को जोड़ने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
हाईवे से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे
वाराणसी और चंदौली से यही एक्सप्रेसवे सोनभद्र को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ जुड़ेगा। यह ढांचागत विकास की दृष्टि से जिस तरह से प्रयागराज चित्रकूट विकास क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। वैसे ही वाराणसी-विंध्य विकास क्षेत्र को नीति आयोग के साथ मिलकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
पीपीपी मोड पर होगा नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण
प्रयागराज की आंतरिक यातायात चुनौतियां को खत्म करने के लिए गंगा नदी पर नया छह लेन का पुल बन रहा है जो समय रहते पूरा हो जाएगा। इसके अलावा अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि रहे बलरामपुर में उन्हीं के नाम पर केजीएमयू के सैटेलाइट सेंटर को मेडिकल कॉलेज के रूप में स्थापित करने का निर्णय किया गया है। इसके अलावा बागपत, हाथरस और कासगंज में पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। साथ ही टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर प्रदेश के 62 आईटीआई के लिए पांच सेंटर ऑफ इन्नोवेशन, इनवेंशन व इनक्यूबेशन ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना के बारे में भी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।
प्रयागराज, वाराणसी और आगरा के नगर निगमों के बांड जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अभी तक लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम के बांड जारी किए गए थे, जिसके बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं। प्रयागराज नगर निगम एक सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल के लिए बांड जारी करने जा रहा है।
