कानपुर

UP को 'महासौगात', एयरोस्पेस-इंडस्ट्रियल कॉरिडोर लगाएंगे चार चांद; इन सेक्टरों में युवाओं को मिलेगा रोजगार

यूपी सरकार ने 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति को मिली मंजूरी मिली है। इससे करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार मिलने का दावा किया जा रहा है। एयरोस्पेस नीति के लागू होने से स्वदेशी क्षमताओं, इनोवेशन और वैश्विक सहयोग को गति मिलेगी। प्रदेश में विदेशी कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए एफडीआई नीति में योगी कैबिनेट ने अहम प्रस्ताव पर मुहर लगाई। वहीं, भूमि पर 80 प्रतिशत तक सरकार सब्सिडी देगी।

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(सांकेतिक फोटो)

कानपुर: योगी सरकार ने सूबे को 'महा सौगात' दे दी है। यूपी सरकार ने 10 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें उत्तर प्रदेश को एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में 'महारथी' बनाने के उद्देश्य से नई नीति को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत 50 हजार करोड़ के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य है। इस नीति के लागू होने के बाद प्रदेश के 1 लाख युवाओं को सीधे-सीधे रोजगार मिलने की प्रबल संभावना है। अन्य अहम प्रस्तावों में विदेशी कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए एफडीआई नीति में मुहर लगी है। इसके अंतर्गत योगी सरकार भूमि पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देगी। इसके अलावा यूपी औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति में भी बड़े सुधारों की तरफ कदम बढ़ाए हैं।

यूपी में एयरोस्पेस

उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस और रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2024 को मंजूरी दी गई। प्रदेश को एक अग्रणी एयरोस्पेस तथा रक्षा केंद्र बनाने पर है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं, नवाचार और वैश्विक सहयोगी को गति मिल सकेगी। इस नीति का उद्देश्य यूपी में एयरोस्पेस और रक्षा (ए एंड डी) क्षेत्र को सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत यूपी रक्षा औद्योगिक गलियारा (यूपीडीआईसी) में एक मजबूत, विश्व स्तरीय, उच्च प्रौद्योगिकी और कुशल ए एंड डी मैन्यूफैक्चरिंग वातावरण बनाना है। इसके अलावा ए एंड डी क्षेत्र में आधुनिकतम केंद्र विकसित करने के लिए स्टार्टअप और निवेश को भी आकर्षित किया जाएगा। यही नहीं यूपी रक्षा औद्योगिक गलियारा में स्टार्टअप और एमएसएमई के कौशन और क्षमता विकास के लिए ए एंड डी आधारित सामान्य सुविधा केंद्र बनाने पर भी सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिया है। राज्य में प्रमुख ए एंड डी विनिर्माण परियोजनाओं और डीपीएसयू को आकर्षित करना, अनुसंधान को बढ़ावा देना भी इस नीति का प्रमुख हिस्सा है।

एआई-सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर भी होंगे स्थापित

राज्य में उन कंपनियों के विकास को बढ़ावा दिया जाएगा जो ए एंड डी में भारत की आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण का समर्थन करती हो। इस नीति के जरिए ए एंड डी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर विकास केंद्र को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। नीति के अंतर्गत अगले पांच साल में 50 हजार करोड़ के निवेश को आकर्षित करने के साथ ही 1 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। इस नीति के अंतर्गत ए एंड डी सेक्टर की यूनिट्स को फ्रंट एंड सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। इसमें लैंड सब्सिडी, स्टैम्प ड्यूटी एग्जम्पशन और कैपिटल सब्सिडी भी दी जाएगी। साथ ही परिवहन शुल्क पर छूट जैसी सुविधाएं भी योगी सरकार प्रदान करेगी। यही नहीं महिला उद्यमियों को इस नीति के जरिए बड़ी राहत दी जाएगी।

रक्षा उत्पादन होगा दोगुना

बता दें कि रक्षा मत्रालय द्वारा देश में 2025-26 तक एयरोस्पेस तथा रक्षा उत्पादन को दोगुना करके 25 बिलियन यूएस डॉलर और निर्यात को 5 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसा आंकलन है कि 2047 तक एयरोस्पेस तथा रक्षा विनिर्माण क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद में 25 प्रतिशत का योगदान होगा। इसे देखते हुए रक्षा मंत्रालय की ओर से देश में दो रक्षा औद्योगिक गलियारे उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में स्थापित किये गये हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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