लखनऊ

UP News: पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर हमला मामले में अखिलेश यादव ने की न्यायिक जांच की मांग

मंगलवार शाम जेल अस्पताल में एक बंदी ने गायत्री प्रजापति पर लोहे की पटरी से हमला कर दिया। इससे गायत्री प्रजापति के सिर और एक हाथ में गंभीर चोट आई है। तत्काल जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जहां उनके सिर में 5 टांके लगाए गए। इसपर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने न्यायिक जांच की मांग की है।

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घायल हालत में अस्पताल पहुंचे प्रजापति

Photo : Times Now Digital

Lucknow News: उतर प्रदेश के पूर्व खनन मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता गायत्री प्रसाद प्रजापति पर लखनऊ जेल में मंगलवार देर शाम जानलेवा हमला हुआ है। दरअसल, देर शाम जेल अस्पताल में एक बंदी ने उन पर लोहे की पटरी से हमला कर दिया। इससे गायत्री प्रजापति के सिर और एक हाथ में गंभीर चोट आई है। तत्काल जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जहां उनके सिर में 5 टांके लगाए गए। उनकी हालत स्थिर बताई गई लेकिन बेहतर इलाज के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। देर रात गायत्री प्रजापति पर हमले की खबर सुनते ही उनकी विधायक पत्नी महराजी देवी अपनी बेटी के साथ रोते हुए ट्रॉमा सेंटर पहुंची।

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अखिलेश ने X पर किया पोस्ट

अखिलेश ने की न्यायिक जांच की मांग

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, "भूतपूर्व विधायक व उप्र सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति पर जेल में हुए जानलेवा हमले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो। यूपी में कहीं भी, कोई भी सुरक्षित नहीं है!"

गायत्री बोले-शातिर अपराधी ने हमला किया'

इस हमले के बाद जब गायत्री ट्रामा सेंटर पहुंचे, तब मीडिया से बात करते हुए गायत्री ने कहा, "हमलावर विश्वास एक शातिर अपराधी है, जो लंबे समय से जेल में बंद है। मुझे खुशी है कि जान बच गई। यह सब अचानक हुआ, मेरा किसी से कोई पुराना विवाद नहीं था।" जेल सूत्रों के अनुसार, विवाद साफ-सफाई को लेकर हुआ, जिसमें प्रजापति ने कैदी को फटकार लगाई।

पत्नी और बेटी बोलीं-यह हत्या का प्रयास था

जैसे ही गायत्री प्रजापति पर हमले की खबर परिवार तक पहुंची। गायत्री की पत्नी और बेटी भी अस्पताल पहुंच गईं। दरअसल, गायत्री की महाराजी देवी प्रजापति भी समाजवादी पार्टी की विधायक है। ट्रामा सेंटर में पति की हालत देखने के बाद माँ-बेटी रोने लगीं। बेटी बोली, "मेरे पिता निर्दोष हैं। साढ़े आठ साल से जेल में सड़ रहे हैं, और अब जान से मारने की कोशिश। वे बिल्कुल असुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध है कि हमें मिलें, हमारी बात सुनें। न्यायपालिका से न्याय की उम्मीद है। वह महिला (पीड़िता) खुद कह चुकी है कि कुछ गलत नहीं हुआ, फिर भी कोई सुनता नहीं। हमारे पिता आतंकवादी नहीं हैं।"

जेल प्रशासन ने बताया मामूली चोट

जेल महानिदेशक पीसी मीणा ने कहा, "गायत्री प्रजापति जेल अस्पताल में भर्ती थे। सफाई ड्यूटी वाले कैदी से कहा-सुनी हुई, जिसमें धक्का-मुक्की हुई। कैदी ने अलमारी के स्लाइडर हिस्से से चोट पहुंचाई, जो मामूली है। तुरंत उपचार किया गया और वे अब पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।" हालांकि, जेल प्रशासन ने कैंची से हमले की खबर को खारिज किया है, अधिकारियों ने हमलावर कैदी से पूछताछ शुरू कर दी है और जेल सुरक्षा की जांच के आदेश दिए गए है।

साढ़े आठ साल से जेल में हैं प्रजापति

बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री गायत्री पर यह हमला जेल के अस्पताल वार्ड में हुआ, जहां गायत्री प्रजापति अपनी कई बीमारियों (डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी समस्या और कमर दर्द) के कारण रखे गए हैं। वे गैंगरेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। और पिछले साढ़े आठ वर्षों से जेल में बंद हैं। मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे सफाई ड्यूटी पर तैनात कैदी विश्वास को प्रजापति ने पानी लाने के लिए बुलाया। देरी होने पर हुई तीखी बहस के दौरान नाराज कैदी ने मेज की दराज से कैंची निकाल ली और प्रजापति के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हालांकि बाद में जेल प्रशासन ने दावा किया कि हमला कैंची से नही हुआ था। यह हमला एक लोहे की पटरे से किया गया।

Vinod Mishra
विनोद मिश्राauthor

दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन है।

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