लखनऊ

'नए यूपी' में अपराध करने के कुछ घंटे बाद ही जेल में लंगड़ाते हुए दिखते हैं अपराधी, बोले सीएम योगी

गोरखपुर में एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा, आज आप देख रहे हैं कि कहीं भी अपराध नहीं हो रहा है, और अगर लूट या छिनैती की कोई घटना होती है, तो कुछ ही घंटों में अपराधी लंगड़ाता हुआ जेल में दिखाई देता है।

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'नए यूपी' में अपराध करने के कुछ घंटे बाद ही जेल में लंगड़ाते हुए दिखते हैं अपराधी, बोले सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि नया उत्तर प्रदेश अपराध को स्वीकार नहीं करता, और अगर लूट या छिनैती की कोई घटना होती है, तो कुछ ही घंटों में अपराधी जेल में लंगड़ाता हुआ दिखाई देता है। आदित्यनाथ ने कहा, आज आप देख रहे हैं कि कहीं भी अपराध नहीं हो रहा है, और अगर लूट या छिनैती की कोई घटना होती है, तो कुछ ही घंटों में अपराधी लंगड़ाता हुआ जेल में दिखाई देता है। यह नया उत्तर प्रदेश है जो अपराध को स्वीकार नहीं करता। अपराधियों को यह एहसास दिलाया जाता है कि अगर उन्होंने कोई अपराध किया, तो उन्हें उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

राज्य में पुलिसिंग में कमिश्नरी प्रणाली को लागू किया

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बयान में कहा कि आदित्यनाथ गोरखपुर जिले में उन्नत क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) के उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिसिंग में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की मांग कई दिनों से चल रही थी।

आदित्यनाथ ने कहा, यह 50 साल पुरानी मांग है। इसे पहली बार 1970 में उठाया गया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका। हमने 2020 में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। अब तक सात जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जा चुकी है। यह पुलिस आधुनिकीकरण का एक हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सत्ता में आने के बाद से उनकी सरकार ने 17 नगर निगमों, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र से जोड़कर और 13 लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षित शहर बनाया है। इस कार्यक्रम में, उन्होंने 72.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छह मंजिला आधुनिक आरएफएसएल सुविधा की भी सराहना की, जो कानून प्रवर्तन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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