Mafia Atiq Ahmed: उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की बात कही तो विपक्ष नाराज हो गया। सीएम योगी की भाषा को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे। हालांकि, उनका यह भाषण माफियाओं के दिलों में घर जरूर कर गया। 1300 किलोमीटर दूर गुजरात की साबरमती जेल में बंद माफिया अतीक अहमद और बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के भी कान खड़े हो गए, क्योंकि वे यह जानते थे कि कि सीएम योगी इससे पहले भी कई माफियाओं को जमींदोज कर चुके थे।
फिर चाहें बिकरू कांड के विकास दुबे की बात हो या फिर 2019 से फरार चल रहे पश्चिमी यूपी के माफिया बदन सिंह बद्दो की। अतीक और मुख्तार अंसारी यह अच्छी तरह से जानते हैं कि सीएम योगी और उनके बुलडोजर का एक्शन रुकने वाला नहीं है। दरअसल, यूपी की जेलों से गले में सरेंडर की तख्ती डाले हुए माफियाओं की कई तस्वीरें सामने आती रहीं हैं, जिसमें इन माफियाओं के चेहरे पर एनकाउंटर का डर साफ झलकता है।
