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Explainer: 55 साल बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट vs साउथ, जानें 1971 में क्या था रिजल्ट

इतिहास पर नजर डालें तो साउथ जोन 25वीं बार दलीप ट्रॉफी के फाइनल में है। इसमें उसने 13 बार इस चमचमाती ट्रॉफी को अपने नाम किया है। दूसरी ओर, ईस्ट जोन की टीम सिर्फ 8वीं बार खिताबी मुकाबले में पहुंची है और उसके नाम केवल दो खिताब दर्ज हैं। ऐसे में ईस्ट जोन तीसरी बार तो साउथ जोन 14वीं बार खिताब उठाने के लिए आपस में भिड़ेंगे।

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55 साल बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट और साउथ जोन की भिड़ंत।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच रविवार से शुरू हो रहा है। मुकाबला सुबह 9:30 बजे से चेन्नई के एमए चिदंबरम (चेपक) स्टेडियम में खेला जाएगा। 55 साल के बाद ईस्ट और साउथ जोन की टीमें खिताबी मुकाबले में आमने-सामने हैं।

दोनों टीमें पिछली बार साल 1971 में हुई दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भिड़ी थीं। तब साउथ जोन ने ईस्ट जोन को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। अब ईस्ट जोन की निगाहें 55 साल पहले मिले गहरे घाव का हिसाब बराबर करने पर होंगी। जबकि साउथ जोन फिर से वही पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगा।

14वीं और 3 बार ट्रॉफी जीतने की कोशिश

इतिहास पर नजर डालें तो साउथ जोन 25वीं बार दलीप ट्रॉफी के फाइनल में है। इसमें उसने 13 बार इस चमचमाती ट्रॉफी को अपने नाम किया है। दूसरी ओर, ईस्ट जोन की टीम सिर्फ 8वीं बार खिताबी मुकाबले में पहुंची है और उसके नाम केवल दो खिताब दर्ज हैं। ऐसे में ईस्ट जोन तीसरी बार तो साउथ जोन 14वीं बार खिताब उठाने के लिए आपस में भिड़ेंगे।

यह खिताबी जंग सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि कई स्टार और युवा खिलाड़ियों के लिए टेस्ट टीम में जगह पाने का अहम जरिया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम के लिए खेल चुके 9 खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम को चैम्पियन बनाने के लिए भिड़ेंगे। इस दौरान दोनों टीमों के कप्तान ईशान किशन (ईस्ट जोन) और तिलक वर्मा (साउथ जोन) भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं।

मैच से पहले वैभव सूर्यवंशी। फोटो- BCCI

मैच से पहले वैभव सूर्यवंशी। फोटो- BCCI

इनके अलावा ईस्ट जोन में वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और शाहबाज अहमद हैं। जबकि देवदत्त पडीक्कल, करुण नायर और मोहम्मद सिराज साउथ जोन की ताकत बढ़ाएंगे। हालांकि, साउथ जोन के स्टार बैटर केएल राहुल फाइनल मुकाबले में नहीं खेलेंगे।

वैभव और सिराज में भिड़ंत

ईस्ट जोन के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी के सामने साउथ जोन के मोहम्मद सिराज की चुनौती होगी। सिराज नई गेंद को स्विंग कराकर वैभव को परेशान कर सकते हैं। वैभव सेमीफाइनल में कुल 132 रन बनाकर इन-फॉर्म हैं। सिराज के नाम फर्स्ट क्लास में 320 विकेट दर्ज हैं। आईपीएल के दौरान सिराज ने वैभव सूर्यवंशी को परेशान किया था। वहीं, वैभव ने भी अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से सिराज को सोचने पर मजबूर कर दिया था।

14 साल बाद चेपाक को मिली मेजबानी

इस बार बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लेते हुए दलीप ट्रॉफी का फाइनल मैच बेंगलुरु से चेन्नई शिफ्ट किया। साथ ही इसका लाइव प्रसारण भी किया जा रहा है। यानी की फैंस फाइनल मैच का लुप्त स्टेडियम में बैठकर उठा सकते हैं और इसके लाइव प्रसारण का भी मजा ले सकते हैं। वहीं, चेपक 14 साल बाद दलीप ट्रॉफी फाइनल की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले साल 2012 में मेजबानी का मौका मिला था।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के दौरान शमी। फोटो-ICC

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के दौरान शमी। फोटो-ICC

वैभव को उभरने, शमी को वापसी का मौका

दलीप ट्रॉफी फाइनल में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके पास खुद को साबित करने का बड़ा मौका है। कुछ युवा खिलाड़ी हैं, जो टेस्ट के लिए दावा पेश करना चाहते हैं। वहीं, कई अनुभवी खिलाड़ी भी हैं जो अपने प्रदर्शन से सलेक्टर्स का ध्यान खींचना चाहेंगे।

इस बार वैभव सूर्यवंशी और शेख रशीद जैसे युवा खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी। वहीं, अभिमन्यु ईश्वरन और ईशान जैसे खिलाड़ी वापसी का दावा मजबूत कर सकते हैं। शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी साबित कर सकते हैं कि उनका करियर अभी खत्म नहीं हुआ है।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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