लखनऊ

दहेज की मांग पूरी न होने पर लौटी थी बारात, अब जेल में कटेगी आरोपियों की रात; कोर्ट ने दिया आदेश

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर में दहेज के लिए 10 लाख रुपये मांगे गए थे। जब लड़की वाले इतने पैसे नहीं दे पाए, तो लड़के वाले शादी के लिए बारात नहीं लेकर आए। इस मामले में कोर्ट ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है-

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सांकेतिक फोटो

Photo : iStock

Bhadohi News: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर क्षेत्र में दहेज में 10 लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर बारात लेकर नहीं आने के आरोप में अदालत के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। ज्ञानपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार दुबे ने सोमवार को बताया कि मिर्जापुर जिले के चील्ह थाना क्षेत्र के मटियारी गांव के निवासी रविकांत दुबे की याचिका पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (महिला उत्पीड़न) की अदालत ने गत 28 दिसंबर को कांवल निवासी ओम प्रकाश मिश्रा और उसके बेटों अखिलेश तथा बृजेश के खिलाफ भारतीय दंड विधान और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में 29 दिसंबर को प्राथमिकी पंजीकृत कर ली गयी है।

क्या है पूरा मामला ?

प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार दुबे ने दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि कांवल गांव के रहने वाले ओम प्रकाश मिश्रा के बेटे बृजेश कुमार मिश्रा (28) की शादी मिर्ज़ापुर के रहने वाले दुबे की बेटी प्रज्ञा से 18 अप्रैल 2024 को होनी थी। उनके मुताबिक इसी सिलसिले में दुबे 15 दिसंबर 2023 को कांवल गांव में वर बृजेश के आवास पर तिलक रस्म पूरा करने आये थे।

दहेज में 10 लाख रुपये की मांग

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शादी की तारीख नजदीक आने पर ओम प्रकाश मिश्रा और उसका बड़ा बेटा अखिलेश लड़की के पिता के घर पहुंचे और दहेज में 10 लाख रुपये की मांग की और कहा कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो वह बारात नहीं लाएंगे। इसके अलावा दबाव बनाने के लिये गांव के कई लोगों को भी भेजा। उन्होंने बताया कि लड़की के पिता ने कई बार मिन्नतें कीं, मगर वे नहीं माने।

अदालत में दायर याचिका

अदालत में दायर याचिका में दुबे ने आरोप लगाया कि बात बनती नहीं देख उन्होंने ज्ञानपुर थाने में इसी साल 22 फरवरी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। इसके अलावा 26 फरवरी को पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। याचिका के मुताबिक, पुलिस की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिलने पर लड़की के पिता दुबे ने इसी साल सात मार्च को अदालत की शरण ली थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने करीब आठ महीने बाद ज्ञानपुर थाने को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

इनपुटः भाषा

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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