बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र गोरखपुर जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जीआरपी टीम ने वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन में सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक को भारी मात्रा में नकदी के साथ रंगे हाथों पकड़ा। यह युवक करीब एक करोड़ रुपये की रकम बिहार के मोकामा ले जाने की फिराक में था। जानकारी के अनुसार, जब एसी कोच के पास जांच की जा रही थी, तभी एक युवक संदिग्ध अवस्था में पाया गया। पुलिस द्वारा तलाशी लिए जाने पर, उसके बैग से नोटों के बंडल बरामद हुए। पकड़े गए युवक ने पूछताछ में अपना नाम मुकुंद माधव बताया, जो मोकामा (बिहार) का निवासी है। इस बड़ी बरामदगी से चुनावी माहौल में अवैध धन के इस्तेमाल की आशंका बढ़ गई है।
सीओ रेलवे विनोद कुमार सिंह ने इस संबंध में पुष्टि करते हुए बताया कि, "एसी लॉन्च के पास चेकिंग के दौरान बिहार के मोकामा निवासी मुकुंद माधव को एक करोड़ रुपये नकदी के साथ पकड़ा गया है। बरामद रकम के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है।" पुलिस और खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यह बरामद राशि हवाला के माध्यम से बिहार चुनाव में काले धन के रूप में इस्तेमाल होने वाली थी। अवैध नकदी की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए वित्तीय अनियमितताओं का सहारा लिया जा रहा था।
मामले की गंभीरता और नकदी के संदिग्ध स्रोत को देखते हुए, सीओ रेलवे विनोद कुमार सिंह ने बताया कि तत्काल आयकर विभाग (Income Tax Department) को सूचना दे दी गई है। अब जीआरपी इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि यह भारी भरकम पैसा किसके लिए और कहां से आया था। इस पूरे अवैध वित्तीय नेटवर्क का खुलासा करने के लिए इनकम टैक्स और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल होंगी। पुलिस और अन्य एजेंसियां अब मुकुंद माधव से पूछताछ कर रही हैं ताकि इस हवाला रैकेट के मास्टरमाइंड और बिहार चुनाव में इस पैसे के अंतिम लाभार्थी का पता लगाया जा सके। चुनाव से पहले इतनी बड़ी नकदी की बरामदगी को जीआरपी की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।