इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को संजय गांधी अस्पताल को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सीएमओ के अस्पताल के लाइसेंस निलंबन के आदेश पर रोक लगाकर मामले को लगभग खत्म कर दिया। आदेश आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने गुरुवार से ओपीडी सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। आदेशआने के बाद के अस्पताल कर्मचारियों ने अपना सत्याग्रह समाप्त कर दिया है। लखनऊ खंडपीठ का आदेश आते ही सत्याग्रह कर रहे कर्मचारियों और अस्पताल प्रशासन ने खुशी जताते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाई।
पथरी का इलाज कराने आई दिव्या की हुई थी मौत
दरअसल, मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र की रामशाहपुर निवासी दिव्या शुक्ला 14 सितंबर को पथरी का आपरेशन कराने गई थी। आरोप था कि आपरेशन थियेटर में बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी इसके बाद दिव्या को लखनऊ ले जाया गया,जहां उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच कराई। जांच में सही तथ्य पाए जाने पर अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर सभी सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया। अस्पताल में प्रतिबंध के बाद अस्पताल के कर्मचारी सत्याग्रह पर उतर आए. वो लगातार अस्पताल की सेवाएं नियमित रूप से संचालित रखने की मांग कर रहे थे।
सीएमओ के आदेश पर रोक
प्रतिबंध के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद 27 सितंबर को सुनवाई हुई थी। हालांकि, मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को तय थी, लेकिन मंगलवार को लखनऊ पीठ में अस्पताल प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। लिहाजा, कोर्ट ने अगली सुनवाई 4 अक्टूबर बुधवार को नियत की थी। बुधवार को सुनवाई में हाई कोर्ट की बेंच ने सीएमओ के उस आदेश पर रोक लगाकर सेवाएं बहाल करने को कहा. कोर्ट के अहम फैसले के बाद अस्पताल प्रशासन ने खुशी जताई है।
कोर्ट के स्थगन के बाद अस्पताल गेट पर सत्याग्रह आंदोलन कर रहे कर्मचारियों और कांग्रेस नेताओं ने खुशी जताई। केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल के नेतृत्व में पटाखे फोड़कर एक दूसरे को मिठाई खिलाई गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अमेठी वासियों के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जीत हुई है।
