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India-USA ट्रेड डील पटरी पर? MFN पर हुई बात, ट्रंप के मूड के साथ नहीं बदलेगा टैरिफ

इंडिया यूएस ट्रेड डील: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर जल्द ही बड़ा ऐलान हो सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ ही अमेरिकी नेताओं ने इस बात के संकेत दिए हैं।

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भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बढ़ी बात

India USA Trade Deal Forward MFN : भारत और अमेरिक लंबे समय से ट्रेड डील पर चर्चा कर रहे हैं। कई बार यह बातचीत पटरी से उतरी, लेकिन अब माना जा रहा है कि दोनों देश जल्द ही डील पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। क्योंकि, पिछले दिनों इस डील को लेकर भारत के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बात हुई। खासतौर पर दोनों देशों ने ट्रेड डील के फ्रेमवर्क में ही फॉरवर्ड- मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) के दर्जे को शामिल करने पर चर्चा हुई है।

ट्रेड के साथ ही टैरिफ पर भी डील

भारत और अमेरिका के बीच Trade Deal को लेकर बातचीत एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां अब सिर्फ टैरिफ घटाने की बात नहीं है, बल्कि यह भी तय करने की कोशिश हो रही है कि इस डील के तहत भारत को टैरिफ के मोर्चे पर जो फायदे अभी मिलेंगे, वे भविष्य में खत्म नहीं होंगे। इसी को लेकर दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) में ‘Forward-MFN’ पर चर्चा कर रहे हैं।

टैरिफ के मामले में स्थिरता चाह रहा भारत

इस डील में भारत चाहता है कि अगर आने वाले समय में अमेरिका किसी दूसरे देश को भारत से बेहतर टैरिफ ट्रीटमेंट देता है या अपनी टैरिफ पॉलिसी में ऐसा बदलाव करता है, जिससे भारतीय एक्सपोर्ट की प्रतिस्पर्धा खत्म हो, तो भारत को भी उस बदलाव के अनुरूप राहत मिल सके। हालांकि अभी यह केवल बातचीत का हिस्सा है और इसका अंतिम रूप तय नहीं हुआ है।

जयशंकर ने डील पर दिया बड़ा संकेत

संयुक्त राष्ट्र की महासभा में शामिल होने अमेरिका पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ट्रेड डील पर बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि दोनों देश डील के बहुत करीब हैं। वहीं, दूसरी तरफ वाणिज्य मंत्री ने भी कहा है कि यह डील अब हो चुकी है। गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां India-US BTA और ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत के साथ G20 ट्रेड मिनिस्टर मीटिंग में भी हिस्सा लेना है।

फॉरवर्ड MFN पर भारत क्यों दे रहा जोर?

MFN यानी Most-Favoured-Nation का सामान्य मतलब है कि समान परिस्थितियों में व्यापारिक पार्टनर के लिए टैरिफ ट्रीटमेंट में भेदभाव न हो। लेकिन प्रस्तावित फॉरवर्ड MFN का फोकस भविष्य के बदलावों पर है। मान लीजिए भारत को किसी प्रोडक्ट पर अमेरिका में 15% टैरिफ (Tariff) मिलता है। कुछ समय बाद अमेरिका किसी दूसरे कंपीटिंग देश को उसी प्रोडक्ट पर पर 10% टैरिफ कर देता है। ऐसी स्थिति में भारतीय निर्यातक कंपटीटिव नहीं रहेंगे। लेकिन, Forward-MFN पर भारत को समान टैरिफ ट्रीटमेंट मिल पाएगा।

ट्रंप के मूड के साथ बदल रहा टैरिफ

टैरिफ आमतौर पर रोज बदलने वाली चीज नहीं होती है। लेकिन, पिछले एक साल से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप मनमाने तरीके से किसी भी देश पर टैरिफ लगा दे रहे हैं। इसकी वजह से भी भारत टैरिफ को लेकर स्थिरता चाहता है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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