लखनऊ

इलाहाबाद हाईकोर्ट से जावेद हबीब और उनके बेटे को बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर चार्जशीट तक रोक

मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। दोनों ने FIR रद्द करने की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने तक सुरक्षा दी है।

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हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब की फाइल फोटो (फेसबुक/Jawed Habib)

Jawed Habib News: मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट और सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मामले में कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। पिता-पुत्र ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए चार्जशीट दाखिल होने तक दोनों को सुरक्षा दी है।

क्या है पूरा मामला?

दोनों के खिलाफ संभल के रायसत्ती पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि बाप-बेटे ने करोड़ों रुपये का फंड निवेश कराने के नाम पर लोगों को झांसा दिया। शिकायतों के बाद संभल पुलिस ने FIR दर्ज की थी।

5-7 करोड़ की ठगी का आरोप

जावेद हबीब, उनके बेटे और परिजनों पर आरोप है कि 2023 में संभल के सरायतैन क्षेत्र में FLC (फॉलिकल ग्लोबल कंपनी) के बैनर तले एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। रॉयल पैलेस वेंकट हॉल में हुए इस इवेंट में करीब 150 लोगों ने हिस्सा लिया था। दावा किया गया कि बिटकॉइन और बाइनेंस कॉइन में निवेश करने पर 50 से 75 प्रतिशत तक रिटर्न मिलेगा। निवेशकों ने 5 से 7 लाख रुपये तक लगाया, लेकिन एक साल तक कोई रिटर्न नहीं मिला। निवेशक जब शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे तो खुलासा हुआ कि कंपनी बंद कर दी गई थी और आरोपी फरार हो गए। इस फ्रॉड की रकम करीब 5 से 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

20 मुकदमे दर्ज, LOC जारी

जावेद हबीब और उनके बेटे के खिलाफ अब तक कुल 20 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। उन पर लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इस मामले में दिल्ली और मुंबई के ठिकानों पर भी जांच करेगी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव ने दोनों की याचिका को निस्तारित करते हुए गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक रोक लगाने का आदेश दिया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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