लखनऊ

गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित होगा सफर, रोड एक्सीडेंट को रोकेंगे अलार्म सेंसर

यूपी में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर अलार्म सेंसर युक्त पट्टियां लगाई जाएंगी। जिससे सड़क हादसों को रोका जा सके। इन पट्टियों पर गाड़ी चढ़ने पर अलार्म बजने लगेगा। जल्द ही इस तकनीक के उपयोग को लेकर काम शुरू होगा।

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सांकेतिक फोटो

Photo : iStock

Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे इस एक्सप्रेसवे का 80 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों को रोकने के लिए अलार्म सेंसर लगाया जाएगा। ये सेंसर्स हाईवे पर सड़क किनारे बनने वाली पट्टी पर लगाए जाएंगे। इस तकनीक के उपयोग को लेकर काम जल्द शुरू किया जाएगा।

ड्राइवर को नींद से जगाएगा अलार्म

गंगा एक्सप्रेसवे पर अलार्म सेंसर युक्त पट्टियां लगने से रोक एक्सीडेंट्स को रोका जा सकेगा। रात में वाहन चलाते समय ड्राइवर की नींद आने पर जैसे ही वाहन का पहिया पट्टी पर चढ़ेगा, तुरंत अलार्म बजने लगेगा। जिससे चालक सतर्क हो जाएगा और एक्सीडेंट होने से बच सकेगा। इसको लेकर जल्द ही काम शुरू होगा।

12 जिलों को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। सीएम योगी आदित्यनाथ इसकी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करते रहे हैं। लगभग 20 दिन पहले ही सीएम योगी ने हापुड़ जिले के शंकराटीला गांव जाकर गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण का जायजा लिया था। गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 12 जिलों को जोड़ेगा। ये एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इसके बनने से यूपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और बढ़ेगी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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