लखनऊ

कोर्ट किसलिए है?...ताला लगा दें और बोल दें कि खुद जज बन तोड़ देंगे मकान- यूपी में बुल्डोजर एक्शन को लेकर ओवैसी का तंज

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jan 8, 2023, 09:38 PM IST

ओवैसी के साथ प्रकाश के इस पॉडकास्ट का पूरा एपिसोड नौ जनवरी को शाम सात बजे प्रीमियर किया जाएगा, जिसका एक हिस्सा ठीक एक रोज पहले यानी आठ जनवरी को एएनआई के टि्वटर हैंडल पर जारी किया गया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की ओर के लिए जाने वाले बुल्डोजर एक्शन को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि सीधे तौर पर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया। एआईएमआईएम चीफ ने इसी के साथ दो टूक सवाल दागा कि आखिरकार कोर्ट किसलिए हैं? अगर इतना ही वो है, तब आप अदालतों में ताला लगाकर कर बोल दीजिए कि आप ही जज बनेंगे और लोगों के मकान तोड़ेंगे।

दरअसल, समाचार एजेंसी एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश के साथ हुए पॉडकास्ट में उन्होंने विभिन्न मसलों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। पसमांदा मुसलमानों को लेकर वह बोले- बीजेपी ने अब एक नया मुद्दा शुरू किया है। पसमांदा मुसलमान...अच्छा पसमांदा मुसलमान है तो भैया आप उन लोगों को आरक्षण दीजिए न। दलित मुस्लिम को, पर आप नहीं देंगे। उन्हीं के बच्चे तो मदरसों में पढ़ते हैं, जिनका आपने सर्वे कराकर पैसे देना बंद कर दिया।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को मिले "बुलडोजर बाबा" के टैग और उससे जुड़े एक्शन (अवैध निर्माण को तोड़ने से संबंधित) को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में वह बोले- 100 फीसदी मुसलमानों को टारगेट (अवैध निर्माण बताकर उनके घरों को निशाना बनाया जा रहा है) बनाया जा रहा है। अगर आपको अवैध बनाता है तो निगम संबंधी नियमों में नोटिस दीजिए।

उन्होंने आगे कहा- कोर्ट किसलिए है...? आप अदालत में ताला लगा दीजिए। जजों को बोल दीजिए कि घर में बैठिए। हमें आपकी जरूरत नहीं और हम खुद जज बनेंगे और तोड़ देंगे। आप मुख्यमंत्री हैं साहब, जज तो नहीं हैं। यह तो जुल्म है। भारत के रूल ऑफ लॉ को आप कमजोर कर रहे हैं और संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आप सीएम हैं, कोई बादशाह सलामत नहीं हैं कि आपने फरमान जारी कर दिया।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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