ये महल है या घर?... निलंबित कांस्टेबल के आलीशान बंगले ने इंटरनेट यूजर्स को चौंकाया, ED रेड के बाद Video Viral
- Authored by: Pooja Kumari
- Updated Dec 13, 2025, 02:02 PM IST
लखनऊ में ईडी ने कोडीन युक्त कफ सिरप की कथित अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में निलंबित यूपी पुलिस कांस्टेबल आलोक प्रताप सिंह के लखनऊ स्थित आवास पर गुरुवार को छापेमारी की। इस दौरान सुशांत गोल्फ सिटी में स्थित उसके आलीशान बंगले के वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई । सीमित वेतन के बावजूद इतनी बड़ी संपत्ति को लेकर भ्रष्टाचार और अवैध आय के आरोप तेज हो गए हैं।
निलंबित यूपी कांस्टेबल के बंगले ने लोगों को किया हैरान (ANI)
Lucknow News: लखनऊ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के निलंबित पुलिस कांस्टेबल आलोक प्रताप सिंह के घर छापेमारी की। इस दौरान घर की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया और सिस्टम की सच्चाई पर कई अहम सवाल भी खड़े किए। दरअसल यह कोई आम घर नहीं बल्कि एक आलीशान बंगला है, जो किसी बड़े कारोबारी का नहीं, बल्कि एक पुलिस कांस्टेबल का है। जिसे कोडीन युक्त कफ सिरप की कथित अंतरराज्यीय तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। निलंबित कांस्टेबल आलोक प्रताप सिंह के लखनऊ स्थित बंगले की तस्वीरें सामने आते ही लोग हैरान रह गए।
लखनऊ के पॉश इलाके में बना आलीशान बंगला
आलोक प्रताप सिंह का यह आलीशान बंगला लखनऊ के पॉश इलाके सुशांत गोल्फ सिटी में बना है, जो किसी बड़े उद्योगपति या शाही परिवार की संपत्ति नजर आता है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में बंगले की भव्यता देखकर लोग भी स्तब्ध रह गए। यूजर्स ने सवाल उठाया कि लगभग 40 हजार रुपये मासिक सैलरी पाने वाला एक पुलिस कांस्टेबल इतना आलीशान घर कैसे बना सकता है। इस बंगले के आलीशान इंटीरियर और विशाल परिसर को देखकर सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई है कि क्या एक कांस्टेबल की आमदनी से इतनी बड़ी संपत्ति संभव है?
सूत्रों के अनुसार, ED ने पहले निलंबित कांस्टेबल आलोक प्रताप सिंह को 8 दिसंबर को पेश होने का नोटिस जारी किया था। लेकिन समन का पालन न करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। जांच के तहत ED ने लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर, रांची और अहमदाबाद सहित देश में कई शहरों में तलाशी अभियान चलाया।
जांच के लिए SIT का गठन
इस बीच, यूपी सरकार ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री, भंडारण और तस्करी की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। तीन सदस्यीय SIT का नेतृत्व आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) एल.आर. कुमार कर रहे हैं। इसके अन्य सदस्यों में STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील घुले चंद्रभानु और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त अखिलेश कुमार जैन शामिल हैं। इस मामले में हाल के दिनों में राज्य के कई जिलों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार यह संगठित गिरोह कई जिलों और विभागों में फैला हुआ है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
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