झारखंड के गिरिडीह और हजारीबाग में नौकरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प को लेकर 28 नामजद और 900 अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज कराई गईं हैं। इससे एक दिन पहले ही रांची के कोतवाली पुलिस स्टेशन में सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के साथ झड़प के आरोप में 14 नामज़द और 200 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ तीन FIR दर्ज कराई गईं थी।
इस बारे में अधिकारियों ने बताया कि गिरिडीह में शुक्रवार और शनिवार को हुई झड़पों के सिलसिले में टाउन पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गईं। वहीं हजारीबाग में सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के आरोप में एक और FIR दर्ज की गईं।
रांची में भी दर्ज हुई थी एफआईआर
इससे पहले, बीते दिन रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं। इस बारे में रांची सिटी एसपी पारस राणा ने जानकारी दी थी। उन्होंने शनिवार को बताया था कि शुक्रवार को हुई झड़प के संबंध में कोतवाली थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 14 नामजद आरोपी और 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, तीन में से एक एफआईआर पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई है। इसमें कथित उपद्रवियों पर सरकारी काम में बाधा डालने और निर्धारित रूट चार्ट के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। वहीं, दो अन्य एफआईआर दो अलग-अलग व्यक्तियों की शिकायत पर दर्ज की गई हैं।
मुख्यमंत्री और राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश
गौरतलब है कि शुक्रवार को झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारी छात्र ‘JPSC-JSSC Reforms Manch’ के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। छात्र नेताओं ने राज्य सरकार पर नौकरी के अभ्यर्थियों को ‘धोखा देने’ और उनके साथ ‘विश्वासघात’ करने का आरोप लगाया है।
हाईकोर्ट के फैसलों के बाद बढ़ा विवाद
भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा विवाद झारखंड हाईकोर्ट के हालिया आदेशों के बाद और बढ़ गया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) और JSSC-CGL के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने वाली अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी।
इससे एक दिन पहले गुरुवार को अदालत ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने वाली अधिसूचनाओं पर भी रोक लगाई थी। इसके साथ ही फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगा दी गई थी। छात्र संगठन इन परीक्षाओं और नियुक्तियों से जुड़े मामलों में सरकार के रुख का विरोध कर रहे हैं। ताजा एफआईआर के बाद अब आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी विवाद का हिस्सा बन गया है।
