Lucknow-Kanpur Expressway Inauguration: उत्तर प्रदेश के यातायात और औद्योगिक विकास के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। आज यानी 13 जुलाई 2026 को प्रदेश को नया 'लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे' मिलने जा रहा है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्नाव से इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का भव्य लोकार्पण करेंगे। इस उद्घाटन के बाद 14 जुलाई को सुबह 8 बजे से यह मार्ग आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
45 मिनट में तय होगी दूरी, 120 किमी होगी स्पीड
करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे लखनऊ एयरपोर्ट के आगे सरोजनीनगर (स्कूटर इंडिया) से शुरू होकर कानपुर में गंगा घाट (शुक्लागंज) से ठीक पहले समाप्त होगा। फिलहाल दोनों शहरों के बीच 2 से 3 घंटे का समय लगता है, लेकिन अब यह सफर महज 35 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है।
एक्सप्रेसवे की मुख्य संरचना और टोल टैक्स दरें
इस 6 लेन के सुपरफास्ट कॉरिडोर (भविष्य में 8 लेन का प्रावधान) को दो हिस्सों में बनाया गया है, जिसमें 17.5 किमी का एलिवेटेड सेक्शन और 45.2 किमी का ग्रीनफील्ड सेक्शन शामिल है। NHAI द्वारा निर्धारित टोल दरों के अनुसार कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का टोल ₹275 और 24 घंटे के भीतर वापसी पर ₹415 है। वहीं, हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए क्रमशः ₹445 और ₹670, जबकि बसों एवं ट्रकों के लिए ₹935 और ₹1,405 टोल निर्धारित किया गया है।
15 मिनट में मिलेगी इमरजेंसी मदद
सुरक्षा के लिहाज से यह एक्सप्रेसवे बेहद हाईटेक है। पूरे मार्ग पर 63 सीसीटीवी कैमरे और 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (ATMS) लगाए गए हैं। किसी भी हादसे की स्थिति में कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिलेगा और 15 मिनट के भीतर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचेगी। इस मार्ग से न केवल लखनऊ-कानपुर बल्कि सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुल्तानपुर के यात्रियों को भी आउटर रिंग रोड के जरिए सीधा और जाम-मुक्त सफर मिलेगा।
