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60 या 120 एडवांस टिकट बुकिंग कितने दिन पहले होती है?

ट्रेन से सफर करने वालों के लिए कन्फर्म टिकट पाना अक्सर मुश्किल हो जाता है, खासकर त्योहारों और छुट्टियों के समय। ऐसे में सही समय और बुकिंग नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

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60 या 120 एडवांस टिकट बुकिंग कितने दिन पहले होनी चाहिए?

ट्रेन से सफर करने वाले हर एक यात्री के लिए कन्फर्म टिकट पाना एक बड़ी चुनौती होती है और वहीं अगर त्योहारों, गर्मियों की छुट्टियां या फिर शादी के सीजन में तो कन्फर्म टिकट मिलना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। कई लोग काफी समय पहले ही टिकट बुक कर देते हैं, ताकि उनकी टिकट कन्फर्म हो जाए। ऐसे में अगर आप भी लंबी दूरी की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो यह जानना काफी जरूरी है कि रेलवे की एडवांस बुकिंग कब और कैसे खुलती है?

भारतीय रेलवे से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग से जुड़े नियमों को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि रेलवे ने अपने एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, ट्रेनों में सीटों की एडवांस बुकिंग की समय सीमा को 120 दिन से घटाकर अब केवल 60 दिन (यात्रा की तारीख को छोड़कर) कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आम यात्री अपनी यात्रा योजना से सिर्फ दो महीने पहले ही कंफर्म टिकट बुक करा पाएंगे, न कि चार महीने पहले। रेलवे का यह नया नियम पूरी तरह से प्रभावी हो चुका है।

क्यों घटाया गया?

सरकार और रेल मंत्रालय ने यह कदम मुख्य रूप से टिकटों की कालाबाजारी (Hoarding) को रोकने और ऐन वक्त पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक से अधिक कंफर्म सीटें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया है। आंकड़ों के मुताबिक, जब 120 दिन पहले बुकिंग का नियम था, तब करीब 21 फीसदी टिकटें कैंसिल हो जाती थीं या लोग बहुत पहले से सीटें ब्लॉक कर देते थे, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को टिकट नहीं मिल पाती थी। अब बुकिंग विंडो छोटी होने से टिकटों का रीयल-टाइम मैनेजमेंट काफी बेहतर हो गया है।

इस नए नियम के लागू होने के बाद त्योहारों जैसे दीपावली, छठ पूजा, या सर्दियों और गर्मियों की छुट्टियों में घर जाने वाले लोगों के मन में यह उलझन थी कि दिसंबर, जनवरी या फरवरी जैसे पीक महीनों में वे सीट कैसे सुरक्षित कर पाएंगे। इसका सीधा जवाब यह है कि अब हर यात्री को एक समान अवसर मिलेगा। उदाहरण के लिए, यदि आपको 31 दिसंबर को यात्रा करनी है, तो उसके लिए बुकिंग विंडो 1-2 नवंबर को सुबह 8:00 बजे खुलेगी। इस व्यवस्था से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है जो अचानक या कम समय के भीतर अपनी यात्रा का प्लान बनाते हैं।

क्या सभी ट्रेनों पर लागू पर होता एक ही नियम?

हालांकि, रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह 60 दिनों का नियम सभी ट्रेनों पर एक समान लागू नहीं होता है; कुछ चुनिंदा दिन के समय चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें जैसे ताज एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस में पहले से लागू कम समय सीमा (Lower Limit) वाले नियम ही जारी रहेंगे। इसके साथ ही, विदेशी पर्यटकों के लिए 365 दिन पहले टिकट बुक करने की विशेष सुविधा में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वे साल भर पहले से अपनी बुकिंग करा सकते हैं।

टिकट बुकिंग की समय सीमा घटने के साथ-साथ रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए आईआरसीटीसी (IRCTC) पोर्टल पर कुछ और कड़े नियम भी जोड़ दिए हैं। अब जनरल रिजर्वेशन विंडो खुलने के शुरुआती 15 मिनटों के भीतर ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए यात्रियों का आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Authentication) अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, तत्काल (Tatkal) और प्रीमियम तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए भी आधार वेरिफिकेशन को जरूरी बनाया गया है, ताकि कोई भी फर्जी एजेंट या ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर (Bots) आम जनता के हिस्से की सीटें न चुरा सके। इसके साथ ही, रेलवे ने काउंटर से खरीदे गए पेपर टिकटों को रद्द कराने की प्रक्रिया को भी बेहद डिजिटल और आसान बना दिया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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