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चैना राम हलवाई की दुकान पर नहीं गए तो आप कैसे फूडी हैं? Indian Oil ने क्यों किया ऐसा सोशल मीडिया पोस्ट?

अगर आप फूडी हैं और दिल्ली की गलियों में हर तरफ स्वादिष्ट भोजन की तलाश में रहते हैं तो आप चैना राम हलवाई की दुकान तक भी जरूर पहुंचे होंगे। अगर अभी तक नहीं पहुंचे हैं तो फिर आप कैसे फूडी हैं। LPG Crisis की अफवाहों के बीच इंडियन ऑयल भी आपसे ऐसा ही प्रश्न कर रहा है।

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पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में चैना राम हलवाई की दुकान

क्या आप खाने के शौकीन हैं? क्या आप पुरानी दिल्ली के खाने के शौकीन हैं? अगर इन दोनों प्रश्नों के उत्तर हां हैं तो आप चैना राम हलवाई की दुकान में कभी न कभी जरूर गए होंगे या जाने का प्लान बना रहे होंगे। अगर आप चैना राम हलवाई को नहीं जानते या उनके बारे में नहीं जानते हैं तो आप फूडी यानी खाने के शौकीन नहीं हो सकते। अगर सच में आप नहीं जानते हैं चैना राम हलवाई कौन हैं तो आपको एक बार फिर से अपने बारे में सोचना चाहिए कि क्या आप सच में फूडी हैं। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि जनरल परसेप्शन है और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई करने वाली बड़ी सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल भी आपसे यही कह रही है। चलिए जानते हैं आखिर IOCL ऐसा क्यों कह रही है?

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल और LPG को लेकर दिक्कतें बढ़ गई हैं। हमारे देश में भी LPG Crisis को लेकर विपक्ष और कुछ लोगों की तरफ से खूब बातें कही जा रही हैं। देश के कई हिस्सों में लोग पैनिक बायिंग कर रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेकर लंबी-लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं। कई शहरों में पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह उड़ाई जा रही है। लेकिन सरकार की तरफ से बार-बार कहा जा रहा है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों के पर्याप्त भंडार हैं। यही नहीं होर्मूज स्ट्रेट से भारतीय तेज के टैंकर और LPG के जहाज आराम से आ रहे हैं।

चैना राम ने Indian Oil को कहा शुक्रिया

हालांकि, लोग सिलेंडरों की जमाखोरी न करें, इसके लिए जरूर कुछ कदम उठाए गए हैं। कुछ जगहों पर कॉमर्शियल सिलेंडर की सेल रोकी गई है। लेकिन LPG क्राइसिस जैसी कुछ नहीं है। इसी बात को कहने के लिए Indian Oil ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। IOCL ने दिल्ली के मशहूर चैना राम हलवाई का जिक्र करते हुए एक पोस्ट लिखा है कि अगर आप चैना राम हलवाई की दुकान पर नहीं गए तो आप कैसे फूडी हैं। साथ ही चैना राम दुकान के मैनेजर का एक वीडियो भी पोस्ट किया है। जिसमें वह बता रहे हैं कि कुछ समय पहले LPG की सप्लाई की दिक्कत आ रही थी। उन्होंने कहा, तब हमें लग रहा था कि त्योहारों पर हम कैसे काम करेंगे या रोज के ऑर्डर कैसे पूरे करेंगे? इसके बाद वह इंडियन ऑयल को शुक्रिया करते हुए कहते हैं कि IOCL ने LPG की सप्लाई नॉर्मल करने के लिए पूरी कोशिश की, ताकि हमें LPG सिलेंडर मिल जाए। वह चैना राम के पूरे स्टाफ की तरफ से Indian Oil का शुक्रिया भी करते हैं।

1901 से चली आ रही है चैना राम की यात्रा

चैना राम हलवाई का इतिहास करीब सवा साल का है। चैना राम की यात्रा साल 1901 में अविभाजित भारत में लाहौर के अनारकली बाजार की भीड़भाड़ वाली गली से शुरू हुई थी। लाला चैना राम ने लाहौर के उस व्यस्त बाजार की व्यस्त गली में इस यात्रा की शुरुआत की थी। देश के आजाद होने के बाद साल 1948 में लाला नीचाराम ने अपने बेटों के साथ चैना राम के उसी जादुई स्वाद की शुरुआत दिल्ली के दिल कहे जाने वाले चांदनी चौक में की।

पुरानी रेसिपी और नए ग्राहक

पीढ़ियां बदलीं, लेकिन चैनाराम ने अपनी क्वालिटी और टेस्ट से कोई समझौता नहीं किया, बल्कि उन्हीं पुरानी रेसिपी को संजोकर रखा और उन्ही रेसिपी से आधुनिक युग के ग्राहकों को भी अपना मुरीद बनाए रखा। चैनाराम हलवाई के पास जाएं तो यहां के प्रसिद्ध कराची हलवा का स्वाद लेना न भूलें। यहां के कराची हलवा का स्वादिष्ट मखनी टेस्ट आपकी जुबान कई दशकों तक नहीं भूल पाएगी, ऐसा चैना राम हलवाई दुकान चलाने वालों का दावा है। इसके अलावा यहां का सेव बादाम मुंह में जाते ही घुल जाता है और स्वाद का जबरदस्त ब्लास्ट करता है। यहां के घेवर का स्वाद भी अनोखा है। कुल मिलाकर अगर आप फूडी हैं तो आप चैनाराम हलवाई के यहां जाना कतई मिस नहीं कर सकते।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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