बिहार के बाद अब लोक जनशक्ति पार्टी (LJP - रामविलास) ने उत्तर प्रदेश के सियासी मैदान में भी अपनी पूरी ताकत झोंकने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपना संगठन मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति बनाई है। LJP के सांसद और यूपी प्रभारी अरुण भारती ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि 5 नवंबर को पार्टी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान वाराणसी में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। यहीं से पार्टी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव का शंखनाद करेगी।
क्या है LJP का नया 'ट्रिपल P' फॉर्मूला?
उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए LJP ने खास रणनीति तैयार की है। पार्टी ने ट्रिपल P यानी 'पंडित, पासी और पासवान' (PPP) का नया नारा दिया है। इसी एजेंडे को आधार बनाकर पार्टी यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी पुख्ता करने में जुटी है। पार्टी का दावा है कि वह पिछले एक साल से लगातार संगठन को मजबूत कर रही है।
अखिलेश यादव के 'PDA' पर तीखा हमला
सपा और 'इंडिया' गठबंधन पर निशाना साधते हुए अरुण भारती ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इस गठबंधन ने दलितों के वोट तो ले लिए, लेकिन अब उन्हीं पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि वे अपने 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को लेकर पूरी तरह भ्रमित हैं और उन्होंने 'D' यानी दलितों की पूरी तरह अनदेखी की है।
बीजेपी से गठबंधन और पूर्वांचल की राजनीति
एनडीए गठबंधन के तहत यूपी चुनाव लड़ने के सवाल पर अरुण भारती ने साफ कहा कि राज्य में गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ही करेंगे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही जेडीयू (JDU) ने भी वाराणसी में बड़ी रैली कर यूपी चुनाव में उतरने का ऐलान किया था। अब चिराग पासवान की एलजेपी की इस धमाकेदार एंट्री से पूर्वांचल की सियासत और अधिक गरमा गई है।
