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ऐसी नौसेना बनाने की जरूरत है जो बिना किसी बाधा के लड़ सके और टिके रह सके: एडमिरल स्वामीनाथन

Delhi Defence Dialogue Atmanirbhar Navy: नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 'दिल्ली रक्षा संवाद' में आत्मनिर्भरता को रणनीतिक आवश्यकता बताया। उन्होंने बिना बाहरी निर्भरता के लड़ने वाली नौसेना पर जोर दिया।

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ऐसी नौसेना बनाने की जरूरत है जो बिना किसी बाधा के लड़ सके और टिके रह सके: एडमिरल स्वामीनाथन

Navy Chief Admiral Krishna Swaminathan: नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने मंगलवार को 'आत्मनिर्भरता' को 'रणनीतिक आवश्यकता' बताते हुए कहा कि ऐसी नौसेना बनाने की जरूरत है जो बाहरी कारकों या निर्भरताओं से बंधे बिना युद्ध लड़ सके, लड़ाई में टिके रह सके और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सके।

यहां एक थिंक टैंक की ओर से आयोजित 'दिल्ली रक्षा संवाद' में अपने संबोधन के दौरान नौसेना प्रमुख ने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ खुद को अलग-थलग करना नहीं है। उन्होंने मित्र देशों के साथ सहयोग करने की वकालत करते हुए कहा कि यह सहयोग 'कमजोरी की स्थिति से नहीं, बल्कि मजबूती की स्थिति से' होना चाहिए।

'पुराने मतभेदों' को फिर से भड़का दिया'

नौसेना प्रमुख ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते राजनीतिक तनावों ने 'पुराने मतभेदों' को फिर से भड़का दिया है। आज स्थिति यह है कि राष्ट्रीय नीति के तहत बल प्रयोग को एक स्वीकार्य साधन या यूं कहें कि एक पसंदीदा साधन के रूप में देखा जाने लगा है।

संघर्षों के आपूर्ति श्रृंखला और युद्ध लड़ने की क्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित करते हुए एडमिरल स्वामीनाथन ने 21वीं सदी की ऐसी नौसेना बनाने की वकालत की जो 'किसी बाहरी कारक, व्यक्ति या एजेंसी... अथवा बाहरी निर्भरता से बंधे बिना अपने दम पर युद्ध लड़ सके, अपनी क्षमता बनाए रख सके और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सके।' अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने यूक्रेन में जारी संघर्ष का उदाहरण दिया।

उन्होंने किसी का नाम लिए बिना 'राज्येतर तत्वों' के उभार की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण हो गया है और यह ’अच्छे और बुरे’ दोनों तरह के लोगों के पास उपलब्ध है।

नौसेना प्रमुख ने कहा कि महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के साथ-साथ विशिष्ट तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक निवेश करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'इसके अलावा नवाचार से लेकर उसे अभियानगत क्षमताओं में बदलने की प्रक्रिया भी उचित समय के भीतर पूरी होनी चाहिए।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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