Mercury Transit 2026 In Swati Nakshatra: ग्रहों के राजकुमार बुध ने 3 नवंबर 2026 की सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर स्वाति नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है। बुध इस दौरान तुला राशि में ही रहेंगे। स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु हैं और राहु फिलहाल कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन वृषभ, मिथुन, कन्या, धनु और मकर राशि वालों के लिए विशेष रूप से शुभ संकेत दे रहा है। इन राशियों को नौकरी, बिजनेस, कम्युनिकेशन, शिक्षा और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।
बुध का स्वाति नक्षत्र में गोचर 2026 इसलिए भी खास है, क्योंकि बुध बुद्धि, व्यापार, लेखन, गणना, वाणी और कम्युनिकेशन के कारक हैं। वहीं स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु नई टेक्नोलॉजी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, विदेशी संपर्क और अलग तरीके से काम करने की क्षमता से जुड़े हैं। ऐसे में बुध और राहु का यह नक्षत्र संबंध उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जो अपनी स्किल, समझदारी और संपर्कों के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं। आइए जानते हैं इन पांच राशियों को किस क्षेत्र में फायदा मिल सकता है।
स्वाति नक्षत्र में बुध का प्रवेश क्यों है खास
स्वाति नक्षत्र तुला राशि में आता है और इसके स्वामी राहु हैं। बुध इस नक्षत्र में प्रवेश करते समय तुला राशि में वक्री और अस्त अवस्था में हैं। वहीं राहु कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। बुध और राहु दोनों का संबंध बुद्धि, सूचना, व्यापार, तकनीक और कम्युनिकेशन से जोड़ा जाता है। इस स्थिति में डिजिटल मीडिया, मार्केटिंग, ऑनलाइन बिजनेस, लेखन, अकाउंट्स, ट्रेडिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों को नए तरीके से काम करने के अवसर मिल सकते हैं। पुराने क्लाइंट से दोबारा संपर्क बन सकता है। रुके हुए प्रोजेक्ट और अधूरे काम को पूरा करने के लिए भी समय उपयोगी रह सकता है।
हालांकि बुध के वक्री और अस्त होने के कारण हर नया फैसला तुरंत लाभ नहीं देगा। पुराने दस्तावेज, कॉन्ट्रैक्ट, भुगतान और बिजनेस डील की दोबारा जांच करना जरूरी होगा। बुध 13 नवंबर को मार्गी होंगे और 25 नवंबर तक स्वाति नक्षत्र में रहेंगे।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए बुध छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। यह भाव नौकरी, प्रतियोगिता, कर्ज, विरोधियों और रोजमर्रा के कामकाज से जुड़ा है। वृषभ राशि के लिए बुध दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी भी हैं। ऐसे में धन, शिक्षा और बुद्धि से जुड़े मामलों का संबंध नौकरी और प्रतिस्पर्धा से बन रहा है।
इस गोचर के दौरान नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं।
प्रतियोगी परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी करने वालों को अपनी रणनीति बेहतर करने का मौका मिलेगा। कार्यक्षेत्र में किसी पुराने विवाद या अटके काम को सुलझाने में सफलता मिल सकती है। राहु वृषभ राशि से दसवें भाव में गोचर कर रहे हैं। इससे करियर और प्रोफेशनल लाइफ में नए संपर्क बन सकते हैं। डिजिटल काम, टेक्नोलॉजी और विदेशी कंपनियों से जुड़े लोगों को फायदा मिल सकता है। बिजनेस करने वाले जातकों को अपनी मार्केटिंग और सेल्स स्ट्रैटेजी में बदलाव करने से लाभ हो सकता है। हालांकि बुध के वक्री होने के कारण लोन, भुगतान और कानूनी दस्तावेजों की जांच जरूर करें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं और इस समय वे पांचवें भाव में गोचर कर रहे हैं। पांचवां भाव बुद्धि, शिक्षा, संतान, प्रेम संबंध और रचनात्मकता का प्रतिनिधित्व करता है। इस भाव में बुध का गोचर विद्यार्थियों, लेखकों, पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों के लिए अच्छा संकेत दे रहा है।
विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसी कठिन विषय को समझने की क्षमता बेहतर हो सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अपनी गलतियों को पहचानकर तैयारी में सुधार करने का अवसर मिलेगा। मीडिया, लेखन, मार्केटिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं।
स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु मिथुन राशि से नौवें भाव में हैं। इससे उच्च शिक्षा, विदेश से जुड़े काम और नई स्किल सीखने के मामलों में अवसर बन सकते हैं। आपकी कोई पुरानी योजना दोबारा शुरू हो सकती है। प्रेम संबंधों में बातचीत बेहतर हो सकती है, लेकिन वक्री बुध के कारण किसी की बात का गलत मतलब निकालने से बचें।
कन्या राशि
कन्या राशि के स्वामी बुध हैं और इस समय उनका गोचर दूसरे भाव में हो रहा है। दूसरा भाव धन, बचत, परिवार और वाणी का प्रतिनिधित्व करता है। कन्या राशि के लिए बुध दसवें भाव के भी स्वामी हैं। ऐसे में करियर से होने वाली आमदनी और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के अवसर मिल सकते हैं।
नौकरीपेशा लोगों को अपनी कम्युनिकेशन स्किल और काम करने के तरीके से फायदा मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। सैलरी, इंसेंटिव या किसी अतिरिक्त आय से जुड़े मामले आगे बढ़ सकते हैं। बिजनेस करने वालों के लिए पुराने क्लाइंट और संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है।
राहु कन्या राशि से छठे भाव में हैं। इससे प्रतियोगिता, नौकरी और विरोधियों से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। किसी पुराने कर्ज या विवाद को सुलझाने के लिए भी प्रयास सफल हो सकते हैं। हालांकि आर्थिक मामलों में भावनाओं के बजाय सही कैलकुलेशन के आधार पर फैसला लें।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए बुध ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं। यह भाव आमदनी, लाभ, बड़े संपर्क और इच्छाओं की पूर्ति से जुड़ा है। बुध धनु राशि के सातवें और दसवें भाव के स्वामी भी हैं। इस कारण नौकरी, करियर, बिजनेस और पार्टनरशिप से होने वाले लाभ के लिए यह गोचर अनुकूल रह सकता है।
नौकरीपेशा लोगों को नए प्रोजेक्ट, प्रमोशन या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिल सकता है। बिजनेस करने वालों के लिए नए क्लाइंट और पार्टनरशिप के रास्ते खुल सकते हैं। पुराने संपर्कों से दोबारा काम मिलने की संभावना है। मार्केटिंग, सेल्स, मीडिया और कंसल्टिंग से जुड़े लोगों को विशेष फायदा मिल सकता है।
स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु धनु राशि से तीसरे भाव में हैं। इससे साहस, कम्युनिकेशन और अपने प्रयासों के दम पर सफलता पाने की क्षमता बढ़ सकती है। छोटी यात्राएं और नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं। हालांकि कोई भी नया कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले उसकी शर्तें अच्छी तरह पढ़ें।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए बुध दसवें भाव में गोचर कर रहे हैं। दसवां भाव नौकरी, बिजनेस, कर्म और सामाजिक प्रतिष्ठा का होता है। बुध मकर राशि के छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं। ऐसे में भाग्य, प्रतियोगिता और करियर से जुड़े मामलों का आपस में संबंध बन रहा है।
नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत और स्किल के दम पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लंबे समय से प्रमोशन या नौकरी बदलने का इंतजार कर रहे जातकों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। बिजनेस करने वालों को नए क्लाइंट, बड़े ऑर्डर या किसी पुराने प्रोजेक्ट से फायदा मिल सकता है।
राहु मकर राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। इससे धन और कमाई के नए माध्यम बनाने की इच्छा बढ़ सकती है। बातचीत और नेटवर्किंग के जरिए लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि वक्री बुध के दौरान पुराने आर्थिक रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच करना जरूरी होगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
