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Noida News: पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे बनेगा 6 लेन का अंडरपास, 18 महीने में काम होगा पूरा

Noida News: नोएडा के पर्थला चौक पर 710 मीटर लंबा छह लेन का अंडरपास बनाया जाएगा। DPR आईआईटी रुड़की भेजी गई है। परियोजना से आसपास के इलाकों को अक्सर होने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

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पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे 18 महीने में बनकर तैयार होगा अंडरपास

Noida News: नोएडा के पर्थला चौक पर रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नोएडा प्राधिकरण यहां सिग्नेचर ब्रिज के नीचे छह लेन का अंडरपास बनाने जा रहा है। करीब 710 मीटर लंबे इस अंडरपास के निर्माण पर 80-91 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तकनीकी जांच और मंजूरी के लिए IIT रुड़की भेजी गई है। लगभग एक हफ्ते में रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद प्राधिकरण निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी करेगा।

प्रस्ताव के मुताबिक, अंडरपास में दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन बनाई जाएंगी। इसके साथ ही दोनों ओर लगभग 280-280 मीटर लंबी एप्रोच रोड भी तैयार की जाएगी। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 18 महीने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, परियोजना की लागत को लेकर उपलब्ध विवरणों में 80 करोड़ और 91 करोड़ रुपये के अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। अंतिम लागत टेंडर और परियोजना की स्वीकृति के बाद साफ होगी।

सिग्नेचर ब्रिज के नीचे बनेगा अंडरपास

अंडरपास का निर्माण पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे किया जाएगा। प्रस्ताव में करीब 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स और 20 मीटर का खुला हिस्सा शामिल है। निर्माण में डायफ्राम वॉल और आरसीसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भरने की समस्या न हो, इसके लिए दो संप और पंपिंग सिस्टम की व्यवस्था भी की जाएगी।

इन इलाकों के लोगों को मिलेगी राहत

पर्थला चौक फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) कॉरिडोर और विकास मार्ग का अहम जंक्शन है। यहां से गाजियाबाद, NH9, Meerut Expressway, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही होती है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में इस चौराहे पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और लंबा जाम लग जाता है।

अंडरपास बनने से सेक्टर- 66, 71, 121 और 122 के अलावा चार मूर्ति चौक, छिजारसी और आसपास की सोसायटियों में रहने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। वाहनों को चौराहे पर कम रुकना पड़ेगा, जिससे सफर का समय घट सकता है।

भविष्य में एफएनजी मार्ग के जरिए फरीदाबाद से कनेक्टिविटी बढ़ने पर इस सड़क पर यातायात का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में अंडरपास को इस मार्ग पर यातायात सुगम बनाने की अहम परियोजना माना जा रहा है। फिलहाल, डीपीआर पर आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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