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Delhi News: संकरी सीढ़ी, ढकी बालकनियां, लखनऊ जैसे हादसे को दावत दे रहे लक्ष्मी नगर के Coaching Center

दिल्ली के लक्ष्मी नगर में कोचिंग हब की संकरी सीढ़ियां, एंट्री-एग्जिट के लिए एक ही रास्ता और ढकी हुई बालकनियां लखनऊ अग्निकांड जैसे बड़े हादसे को खुलेआम आमंत्रण दे रही हैं।

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लखनऊ जैसे हादसे को खुला आमंत्रण दे रही लक्ष्मी नगर की बिल्डिंगें

Delhi News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कल यानी सोमवार 22 मई को भीड़भाड़ वाला अलीगंज इलाका एक खौफनाक त्रासदी का गवाह बना। यहां तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग की लपटों ने 15 लोगों की संहती-खेलती जिंदगी को मौत में बदल दिया और कई अन्य घायल हो गए। इसके साथ ही यह अग्निकांड कई परिवारों को ऐसा दर्द दे गया, जो उन्हें ताउम्र परेशान करता रहेगा। इस अग्निकांड ने सभी को हिलाकर रख दिया। लखनऊ का यह अग्निकांड तो एक छोटा सा हादसा है, ऐसे ही कई अन्य हादसों को देशभर में खुला न्योता दिया जा रहा है। हमने देश की राजधानी में पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में चलने वाले Coaching Centers का जायजा लिया। यहां हालात डराने वाले हैं, जो ऐसे ही किसी हादसे को खुला आमंतरण हैं।

लक्ष्मी नगर की तंग गलियों और भीड़भाड़ वाली इमारतों में हजारों छात्र हर रोज अपने भविष्य को संवारने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। यहां चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA), फाइनेंस, नीट, लॉ सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग चलती है। कई इमारतों में कोचिंग सेंटरों के साथ रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं।

संकरी सीढ़ियां और ढकी बालकनियां

हालात ऐसे हैं कि ज्यादातर इमारतों में एंट्री और एग्जिट के लिए सिर्फ एक ही रास्ता है। संकरी सीढ़ियां, एक-दूसरे से सटी हुई इमारतें और विज्ञापनों से ढकी पूरी बिल्डिंग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। कई जगहों पर इमारतों की बालकनियां तक इस तरह ढक दी गई हैं कि इमरजेंसी में उनका भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

80 फीसद इमारतों में बचने के उपाय नहीं

स्थानीय लोगों का दावा है कि लक्ष्मी नगर की लगभग 80 फीसद इमारतों की स्थिति लगभग ऐसी ही है। ऐसे में अगर यहां भी लखनऊ जैसा कोई बड़ा हादसा हो जाए तो लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने के विकल्प पहुत ही सीमित हैं।

कोचिंग सेंटरों ने मकान मालिकों पर डाली जिम्मेदारी

जब इस मुद्दे पर कुछ कोचिंग संस्थानों के मैनेजमेंट से बात करने की कोशिश की गई, तो कई लोग कैमरे के सामने आने और जवाब देने से बचते नजर आए। उनका कहना था कि वे मकान मालिकों को लाखों रुपये किराया देते हैं, भवनों की सुरक्षा और संरचनात्मक व्यवस्था की जिम्मेदारी मालिकों की है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर सख्त निगरानी और नियमों के पालन की तत्काल जरूरत है।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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