Kishau Dam Project: यमुना नदी पर बनने वाली बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में छह राज्यों ने इस परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमति जताई। करीब 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह महत्वकांक्षी परियोजना उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश सीमा पर विकसित की जानी प्रस्तावित है और पिछले आठ वर्षों से लंबित है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - “यह मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं”, CM योगी का सख्त संदेश, मोहर्रम में अस्त्र-शस्त्र, ढोल-ताशों और ऊंची ताजियों पर लगी रोक
जल संकट और प्रदूषण से निपटने में मदद करेगा किशाऊ बांध
गृह मंत्रालय के अनुसार, परियोजना से यमुना में जल प्रवाह बढ़ेगा और नदी को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद परियोजना को मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत लागत छह राज्यों द्वारा साझा की जाएगी। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि हिमाचल प्रदेश के हिस्से की बिजली लागत के बदले उसके लिए निर्धारित जल को दिल्ली और राजस्थान को हस्तांतरित किया जाएगा।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - मानसून की देरी से गहराया मुंबई में जल संकट, BMC ने लागू किए सख्त पानी कटौती के नियम और कड़े प्रतिबंध
हिमाचल और उत्तराखंड सीमा पर बनेगा विशाल किशाऊ डैम
बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। सुक्खू ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर हिमाचल प्रदेश को हर साल 100 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी।
(इनपुट - भाषा)
