अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की गणना के दौरान कथित चोरी के मामले में एक अहम गवाह मदन गोपाल निगम मीडिया के सामने आए हैं। मदन गोपाल ने बताया कि वह मंदिर में चढ़ावे की रकम की गणना करने वाली टीम का हिस्सा थे। पुलिस ने उन्हें अपनी चार्जशीट में गवाह बनाया है।
मदन गोपाल निगम का आरोप है कि चढ़ावे की रकम की गणना के दौरान 3 से 5 लोगों के ग्रुप बनाए जाते थे। उनका दावा है कि ग्रुप के कुछ लोग आसपास मौजूद कर्मचारियों को बातचीत में उलझाकर उनका ध्यान भटकाते थे, जबकि कुछ लोग इस तरह खड़े होते थे कि CCTV कैमरे की निगरानी प्रभावित हो। मदन गोपाल के मुताबिक, इसी दौरान नोटों की गड्डियां कथित तौर पर उठाई जाती थीं।
अविनाश शुक्ला को लेकर गवाह का दावा
मदन गोपाल निगम ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 3 तारीख को उन्होंने कथित तौर पर अविनाश शुक्ला को नोटों की एक गड्डी उठाकर कमर में रखते हुए देखा। उनका दावा है कि उन्होंने इसकी जानकारी SBI अधिकारी सत्य प्रकाश को दी। सूचना मिलने के बाद चेकिंग शुरू की गई। उनका दावा है कि इसी दौरान कुछ नोट बाथरूम में छिपाए गए और तलाशी के दौरान बाथरूम से नोट बरामद हुए।मदन गोपाल ने गणना की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। उनके मुताबिक, उनकी जिम्मेदारी नोटों को सीधा करने की थी। गणना की निगरानी के लिए ट्रस्ट और बैंक, दोनों की ओर से कर्मचारी मौजूद रहते थे। मदन गोपाल ने कथित चोरी के मामले में अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, लवकुश और अनुकल समेत कुछ लोगों के नाम लिए हैं। हालांकि, इन लोगों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।
वीडियो के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची जानकारी
मदन गोपाल के मुताबिक, घटना के बाद बनाए गए वीडियो के जरिए मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई। उनका दावा है कि सत्य प्रकाश ने वीडियो बैंक मैनेजर को भेजा, जबकि विनय श्रीवास्तव ने सुभाष श्रीवास्तव को इसकी जानकारी दी। मदन गोपाल के अनुसार, आनंद चौधरी के जरिए वीडियो चंपत राय तक पहुंचने की जानकारी भी सामने आई।
