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Ketan Murder Case: आरोपी सिया और चेतन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, भेजे गए येरवड़ा जेल

Ketan Murder Case: पुणे की एक अदालत ने चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस के मुख्य आरोपियों, चेतन चौधरी और सिया गोयल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवड़ा जेल में रखा जाएगा।

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केतन अग्रवाल मर्डर केस

Photo : Times Now Digital

Ketan Murder Case: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए जेएमएफसी (JMFC) ए एम विभूते की अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों चेतन चौधरी और सिया गोयल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। इस अवधि के दौरान दोनों आरोपियों को पुणे (Pune Murder Case) की फेमस येरवड़ा जेल में सलाखों के पीछे रहना होगा।

सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अभियोजन पक्ष (प्रॉसिक्यूशन) की ओर से वकील राजश्री विरकुड और सरकारी वकील विपुल दुशिंग ने आरोपियों की पुलिस कस्टडी बढ़ाने के लिए पांच मुख्य आधार पेश किए। उन्होंने अदालत को बताया कि जांच अधिकारियों ने आरोपी सिया गोयल के घर से एक साल पुराना मोबाइल फोन बरामद किया है।

इसके अलावा, आरोपियों के मौजूदा फोन से डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर कर लिया गया है। हालांकि, इस डेटा और व्हाट्सएप चैट में कई जगह संदिग्ध 'कोड वर्ड' और 'निकनेम' का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस कोडेड भाषा का सच सामने लाने के लिए आरोपियों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करना बेहद जरूरी है।

बचाव पक्ष ने किया कस्टडी का विरोध

दूसरी तरफ, बचाव पक्ष के वकीलों ने पुलिस की इस मांग का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि आरोपी पहले ही 12 दिनों तक पुलिस की कस्टडी में रह चुके हैं, और अब पुलिस के पास रिमांड बढ़ाने की कोई ठोस या नई वजह नहीं है। बचाव पक्ष ने पुलिस की इस कार्रवाई को "फिशिंग इंक्वायरी" (अंधेरे में तीर चलाना) करार दिया।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 20 का हवाला देते हुए कहा कि कानूनन किसी भी आरोपी को खुद के खिलाफ गवाही देने या खुद को दोषी ठहराने वाली बातों को समझाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

आने वाले समय में और हो सकते हैं चौंकाने वाले खुलासे

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को फिलहाल जेल भेज दिया है, जबकि पुलिस कस्टडी बढ़ाने की अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इन डिजिटल सबूतों से केतन मर्डर केस की कितनी परतें खुलती हैं।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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