केरल में दौड़ेगी 'रैपिड रेल', CM विजयन ने केंद्र से मांगा RRTS के लिए साथ, दिल्ली-मेरठ मॉडल को सराहा
- Edited by: Nishant Tiwari
- Updated Feb 14, 2026, 12:50 PM IST
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्य के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार से 'रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम' (RRTS) प्रोजेक्ट में सहयोग मांगा है। दिल्ली-मेरठ RRTS की तर्ज पर प्रस्तावित यह नेटवर्क तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगा। यह प्रोजेक्ट राज्य के हवाई अड्डों और मेट्रो सिस्टम को जोड़ते हुए ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण को कम करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक हाई-स्पीड सफर की योजना
RRTS in Kerala: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से केरल में रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) शुरू करने के लिए सहयोग मांगा है। विजयन का मानना है कि यह प्रोजेक्ट केरल की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक की समस्याओं का सबसे आधुनिक और स्थायी समाधान साबित हो सकता है।
दिल्ली-मेरठ मॉडल की तर्ज पर बदलेगा केरल का सफर
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य कैबिनेट ने 28 जनवरी को ही इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। उन्होंने दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर (नमो भारत) की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि केरल ने इस मॉडल का गहराई से अध्ययन किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, केरल की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को देखते हुए RRTS मॉडल यहां के लिए सबसे व्यावहारिक और प्रभावी समाधान है।
बढ़ते ट्रैफिक और हादसों से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने पत्र में केरल की अनूठी शहरी संरचना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक राज्य एक 'शहरी निरंतरता' (Urban Continuum) की तरह है, जहां जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक है। वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण सड़कों पर दबाव चरम पर है, जिससे ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या गंभीर बनी हुई है। RRTS के आने से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि यात्रा की सुरक्षा और दक्षता में भी सुधार होगा।
मेट्रो और हवाई अड्डों का होगा मेल
केरल सरकार की योजना राज्य के सभी प्रमुख परिवहन केंद्रों को एक-दूसरे से जोड़ने की है। फिलहाल कोच्चि में मेट्रो का चलाई जा रही है, जबकि तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड में मेट्रो प्रोजेक्ट्स योजना के चरण में हैं। RRTS इन मेट्रो प्रणालियों को आपस में जोड़ेगा और तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कन्नूर और कालीकट के हवाई अड्डों तक हाई-स्पीड पहुंच देगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केरल में 'वंदे भारत एक्सप्रेस' की भारी सफलता (देश में सबसे अधिक ऑक्यूपेंसी) यह साबित करती है कि यहां के लोग हाई-स्पीड सेवाओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बनेगा यह प्रोजेक्ट
पिनाराई विजयन ने केंद्र से अनुरोध किया है कि नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) को केरल के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) करने और एक विस्तृत ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि केरल का जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। यह पहल देश के अन्य घनी आबादी वाले इलाकों के लिए भी बेहतर मॉडल साबित हो सकती है।
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